
चेन्नई। कॉलेज में पढ़ाई करते वह लोगों की मदद को हमेशा ही आगे रहता था। कार्तिक राजा की उम्र तो महज 19 साल की रही लेकिन उसकी सोच ने तमाम परिवारों के जीवन को रोशन कर दिया। आज भले ही वह इस दुनिया में नहीं है लेकिन पांच परिवारों के पांच लोगों को नया जीवन दे चुका है। कार्तिक के परिवार को इस बात की खुशी है कि बेटा अभी भी उनके आसपास ही है।
ग्रेजुएशन फाइनल ईयर के स्टूडेंट थे कार्तिक राजा
चेन्नई के वेस्ट माम्बलम के रहने वाले 19 वर्षीय कार्तिक राजा, ग्रेजुएशन अंतिम वर्ष के स्टूडेंट थे। वंडालूर के पास बीते 4 जुलाई 22 में वह एक भीषण सड़क दुर्घटना के शिकार हो गए। आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। वहां से उनको हायर केयर सेंटर भेजा गया। लेकिन स्थितियां बिगड़ने के बाद परिजन इलाज के लिए चेन्नई के रिले हॉस्पिटल लेकर गए।
लेकिन न्यूरो एक्सपर्ट्स भी नहीं बचा सके
रिले न्यूरो एक्सपर्ट्स के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद, कार्तिक राजा को बचाया नहीं जा सका। डॉक्टर्स ने उनको ब्रेन डेड घोषित कर दिया। हालांकि, उनके अन्य महत्वपूर्ण अंग अच्छी तरह से काम कर रहे थे।
परिजन ने लिया जो फैसला उससे कई जिंदगियां रोशन
रिले सामाजिक कार्यकर्ताओं और चिकित्सा विशेषज्ञों ने कार्तिक राजा की हालत उनके परिवार को बताई। कार्तिक के परिवार ने कई अन्य परिवारों के जीवन को रोशन करने का मन बनाया। इसके लिए उन्होंने कार्तिक का अंगदान का फैसला ले लिया। रेला अस्पताल ने सरकारी अधिकारियों से ब्रेन-डेड रोगी के अंगों को निकालने की अनुमति देने का अनुरोध किया। तमिलनाडु सरकार ने बिना देर किए सारी औपचारिकताओं को पूरा कर दिया।
7 जुलाई को आर्गन डोनेशन का काम हुआ पूरा
7 जुलाई को रेला अस्पताल की मेडिकल टीम द्वारा अंगों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। क्रोमपेट के रिले अस्पताल में इलाज करा रहे मरीजों को एक किडनी और हृदय प्रत्यारोपण किया गया। एक और किडनी, 2 फेफड़े और लीवर को दूसरे मरीजों पर ट्रांसप्लांट किया गया।
ट्रान्सटन के सदस्य सचिव डॉ. आर. कांथिमथी ने कहा, हर जीवन महत्वपूर्ण है, हर कोई जीने का हकदार है, और यही हम ट्रान्सटन में विश्वास करते हैं। मैं गर्व से कह सकता हूं कि तमिलनाडु अंग प्रत्यारोपण में देश में अग्रणी रहा है। अंत में, मैं वास्तव में दाता के परिवार का आभारी हूं जो इस नेक काम के लिए आगे आए और इतने सारे लोगों के जीवन में बदलाव किया। वे वास्तव में अनसंग हीरोज हैं।
रेला अस्पताल के डॉयरेक्टर डॉ.गौतमन ने कहा कि एक ब्रेन-डेड व्यक्ति द्वारा अंगदान कई रोगियों को दूसरा जीवन दे सकता है जो अपने अस्तित्व के लिए हर दिन संघर्ष कर रहे हैं। एक अंग न केवल एक जीवन की मदद करता है, बल्कि कई आने वाली पीढ़ियों की भी मदद करता है। हम वास्तव में कार्तिक राजा के परिवार के सदस्यों को धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने उदारतापूर्वक अपने अंगों को दान करने के लिए सहमति व्यक्त की थी। उनके अंगों को अब कई रोगियों में प्रत्यारोपित किया गया है और उनकी जान बचाई गई है।
बहन ने बताई कार्तिक के अंगदान की वजह
अनसंग हीरो कार्तिक राजा की बहन राजा जोथी ने कहा कि मुझे पता है कि वही किया गया है जो वह चाहता था। वह एक निस्वार्थ व्यक्ति थे जो आगे आने और जरूरतमंदों की मदद करने में कभी नहीं हिचकिचाते थे। हालांकि, वह 19 साल के थे लेकिन उनकी मैच्योरिटी लेवल 40 साल की उम्र के बराबर थी। यह एक कड़वा सच है कि मेरा भाई आज जीवित नहीं है लेकिन वह 5 अलग-अलग शरीरों में और 5 परिवारों के साथ रह रहा है। मुझे गर्व है कि मेरे भाई के अंगों ने इन 5 जिंदगियों को बचाया है और वह हमेशा हमारे बीच रहेंगे। वह असल जिंदगी के हीरो हैं।
यह भी पढ़ें:
देश की 15वीं राष्ट्रपति बनीं द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी मिलने पहुंचे, इन हस्तियों ने दी बधाई
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.