
नई दिल्ली। राजस्थान के परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन (PEKB) ब्लॉक में अगले चरण के कोयला खनन के लिए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल (Chattisgarh Cm Bhupesh Baghel) से मंजूरी दिलाने के लिए अब केंद्र से गुहार लगाई है। इससे पहले राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने बघेल को मनाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र भी लिखा था। हालांकि, सोनिया को पत्र लिखने के बाद भी मामला जस का तस पड़ा है। इसके बाद अब गहलोत सरकार ने इसके लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है।
क्या है मामला
दरअसल, घरेलू कोयले में कमी बढ़ रही है। दूसरे देशों से कोयला मंगाना सरकारों को महंगा पड़ रहा है। ऐसे में राजस्थान सरकार छत्तीसगढ़ में आवंटित तीन ब्लॉकों से अपने बिजली उत्पादन के लिए कोयला निकालना चाहती है। इससे उसकी बिजली उत्पादन की जरूरतें पूरी हो जाएंगी।
पिछले महीने ही मिली मंजूरी
दिसंबर 2021 में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की समिति ने राजस्थान की छत्तीसगढ़ स्थित परसा ईस्ट एंड कांते बेसिन कोयला खनन के दूसरे चरण को मंजूरी दी थी। बताया जा रहा है कि अनुमति मिलने के बाद भी कांग्रेसी राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी अनुमति से जरूरी स्वीकृति अटकाकर रखी हैं। इसी विवाद को निपटाने के लिए गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष से गुहार लगाई, लेकिन हल नहीं निकला।
1,136 हेक्टेयर जमीन मिलनी है
सूत्रों का कहना है कि राजस्थान के ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मख्य सचिव सुबोध अग्रवाल ने 31 दिसंबर को जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सचिव आरपी गुप्ता को एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से पीईकेबी ब्लॉक के आवंटन और जरूरी मंजूरी दिलाने की मांग की थी। इसके जरिये राजस्थान राज्य विद्युत निगम लिमिटेड को थर्मल यूनिट्स से बिजली उत्पादन के लिए पीईकेबी ब्लॉक में 1,136 हेक्टेयर जमीन मिलना है। लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की लापरवाही की वजह से मामला अटका पड़ा है।
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