
Congress letter to Nirmala Sitharaman: कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लेटर लिखकर मोदी सरकार पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, कंपनियों पर रेड और उसके बाद बीजेपी को मिले मोटे चंदे की जांच की मांग की है। वेणुगोपाल ने कहा कि बीजेपी सरकार चंदा वसूलने के लिए देश की जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। जो कंपनियां बीजेपी को चंदा देने से इनकार कर रहीं उन पर ईडी-सीबीआई का रेड पड़ा और वह डर कर चंदा देने लगीं।
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि चुनाव आयोग का डोनेशन डॉक्यूमेंट्स व अन्य पुख्ता सबूतों सहित एक रिपोर्ट दो-दो ऑनलाइन मीडिया संस्थानों में प्रकाशित हो चुकी है। रेड करने वाली तीन केंद्रीय एजेंसियों आईटी, ईडी और सीबीआई में दो तो वित्त मंत्रालय के अधीन आता है। पूरी जनता जानना चाहती है कि आपकी सरकार द्वारा जांच एजेंसियों को कैसे रिमोट से नियंत्रित किया जा रहा है। 2014 के बाद से राजनेताओं के खिलाफ ED के मामलों में चार गुना बढ़ोतरी इस बात का सबूत है। इनमें से 95% केस विपक्षी नेताओं के खिलाफ हैं।
जयराम रमेश ने वित्त मंत्री को लिखे केसी वेणुगोपाल के लेटर का हवाला देते हुए कहा कि 2018-19 और 2022-23 के बीच भाजपा को लगभग 335 करोड़ रुपए का दान देने वाली कम से कम 30 कंपनियों को केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। रमेश ने कहा कि 30 कंपनियों में से 23 कंपनियां जिन्होंने भाजपा को कुल 187.58 करोड़ रुपए दिए थे, उन्हीं कंपनियों ने 2014 से छापा पड़ने के बीच कभी भी कोई राशि दान नहीं की थी। इनमें से कम से कम 4 कंपनियों ने सेंट्रल एजेंसी के दौरे के चार महीने के अंदर ही कुल 9.05 करोड़ रुपए का दान दिया। इनमें से 6 कंपनियां जो पहले से ही भाजपा को डोनेशन देती थीं लेकिन एक साल जब चंदा नहीं दिया तो उनके खिलाफ रेड पड़ गया। रेड के बाद इन सभी छह कंपनियों ने पार्टी को बड़ी रकम चंदा के रूप में दी।
जांच में बहुत बड़ा खुलासा होगा...
केसी वेणुगोपाल ने लेटर में कहा कि जांच एजेंसियों के द्वारा दबाव डालकर सत्तारूढ़ दल चंदे के रूप में कानूनी रूप से जबर्दस्ती वसूली कर रही है। जो तथ्य मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए हैं वह हिमशैल के सिरे जैसा है। लेकिन अगर जांच होगी तो इससे कई गुना बड़ी वसूली बड़े पैमाने पर जो हुआ है सामने आएगा।
जांच होनी चाहिए...
केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हम कहीं भी यह आरोप नहीं लगा रहे हैं कि दर्ज किए गए मामले या जांच एजेंसियों की कार्रवाई अवैध है। लेकिन इस बात की जांच की जानी चाहिए कि यह संदिग्ध कंपनियां जिनके खिलाफ ED के मामले चल रहे हैं, वे ED की जांच के बावजूद सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा को दान क्यों दे रही हैं। या फिर यह महज संयोग है कि वे कार्रवाई के बाद बीजेपी को चंदा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार न खाऊंगा ना खाने दूंगा बोलते हैं लेकिन उनकी सरकार इसके विपरीत काम करती दिख रही है। वह जबर्दस्ती चंदा जमा करूंगा की नीति पर काम कर रही है।
लेटर में कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत का सुप्रीम कोर्ट पहले ही पीएम मोदी की चंदा वसूली चुनावी बांड को असंवैधानिक और अवैध करार देकर बड़ा झटका दिया है लेकिन अब समय आ यगा है कि उनकी सरकार और विशेष रूप से वित्त मंत्रालय को बीजेपी का खजाना भरने के लिए जो भ्रष्टाचार किया गया है उसके लिए जवाबदेह ठहराया जाए।
कांग्रेस ने पूछा वित्त मंत्री से सवाल...
यह भी पढ़ें:
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.