कोरोना से सबसे ज्यादा किस ब्लड ग्रुप वालों को खतरा? कौन लोग हैं सबसे ज्यादा सुरक्षित

Published : Mar 18, 2020, 06:11 PM ISTUpdated : Mar 18, 2020, 06:43 PM IST
कोरोना से सबसे ज्यादा किस ब्लड ग्रुप वालों को खतरा? कौन लोग हैं सबसे ज्यादा सुरक्षित

सार

कोरोना वायरस से जुड़ी एक स्टडी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि इस वायरस से A ग्रुप के लोगों को सबसे ज्यादा खतरा है। वहीं O ग्रुप के लोगों में इससे लड़ने की क्षमता सबसे ज्यादा होती है। यह स्टडी 2173 लोगों पर की गई। 

नई दिल्ली. कोरोना वायरस से जुड़ी एक स्टडी सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि इस वायरस से सबसे ज्यादा A ग्रुप के लोगों को खतरा है। वहीं O ग्रुप के लोगों में इससे लड़ने की क्षमता सबसे ज्यादा होती है। चीन में इस तरह की यह पहली स्टडी वुहान के रेनमिन हॉस्पिटल, जिनिंतान हॉस्पिटल और शेनजेन हॉस्पिटल में की गई।  

100 में 37 लोग A ग्रुप वालों को संक्रमण
चीन की रिसर्च मैगजीन MedRxiv में छपी इस स्टडी को  ग्लोबल टाइम्स ने भी पब्लिश किया है। 2173 लोगों पर की गई इस स्टडी पर वुहान के सेंट माइकल हॉस्पिटल के डॉक्टर कहते हैं, इसे ऐसे देखा जा सकता है कि कहीं पर 100 लोग खड़े हैं, तो इसमें 37 लोग A ग्रुप के हैं। तो वहां कोरोना से प्रभावित होने वालों में सबसे ज्यादा लोग A ग्रुप वाले ही होंगे।  

रिसर्च में 206 मरीजों की जांच की गई
इस रिसर्च में उन 206 मरीजों की जांच की गई, जो वायरस से मारे गए। इसमें से 41.26 प्रतिशत लोगों का A ब्लड ग्रुप था। सिर्फ एक चौथाई लोगों का O ब्लड ग्रुप था।

A ब्लड ग्रुप वालों को घबराने की जरूरत नहीं
तियानजिन शहर में एक शोधकर्ता गाओ यिंग्डाई ने बताया, "अगर आपका ब्लड ग्रुप A है तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि आप 100 प्रतिशत संक्रमित होंगे। वहीं अगर आप टाइप O में हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप बिलकुल सुरक्षित हैं। आपको अभी भी अपने हाथ धोने और अधिकारियों द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करने की आवश्यकता है।"

B और AB पर क्या असर होगा?
स्टडी के मुताबिक, ब्लड ग्रुप B और AB वाले लोगों पर कोरोना को अलग से कोई खास असर नहीं देखा गया। हालांकि O ग्रुप वालों का कोरोना की चपेट में आने के कम संभावना है। 

भारतीय डॉक्टर्स का क्या कहना है?
चीन की स्टडी पर भारतीय डॉक्टर्स ने भी अपनी राय रखी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपोलो हॉस्पिटल के डॉक्टर गौरव का कहना है, कोरोना नया है, इसलिए ऐसे नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा, वायरस का संबंध वीक इम्युनिटी से है। ज्यादा उम्र वालों की इम्युनिटी कम होती है इसलिए उनकी मौत ज्यादा हुई है। कोरोना का अटैक आपके अंदर रोग से लड़ने की क्षमता पर निर्भर करता है।

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