
नई दिल्ली। संविधान दिवस (Constitution Day) के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट में खास समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भारत के मुख्य न्यायाधीश (Chief Justice of India) डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि यह आवश्यक है कि न्यायपालिका लोगों तक पहुंचे। कोर्ट लोगों से उस तक पहुंचने की उम्मीद नहीं करें।
सीजेआई ने कहा कि हर व्यक्ति को सरलता से न्याय मिलना चाहिए। कोर्ट हर आदमी की पहुंच में हो, यह जरूरी है। डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि भारत विविधता से भरा देश है। न्यायपालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि न्याय हर किसी के लिए सुलभ हो। सभी लोगों की कोर्ट तक पहुंच हो, इसके लिए कई सुधार किए जा रहे हैं।
वंचित समुदायों का प्रतिनिधित्व बढाया जाए
अपने भाषण में सीजेआई ने टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कोर्ट की कार्यवाही में सुधार पर बात की। उन्होंने कहा कि वह केस की लिस्टिंग के लिए टेक्नोलॉजी अपनाने पर काम कर रहे हैं। सीजेआई ने कहा कि दिल्ली के तिलक मार्ग पर स्थित सुप्रीम कोर्ट तक टेक्नोलॉजी के माध्यम से पूरे देश से पहुंच संभव है। वर्चुअल एक्सेस के चलते आज वकील अपनी जगह से ही मामलों में बहस कर पाते हैं। सीजेआई ने कहा कि कानूनी पेशे में वंचित समुदायों और महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। न्यायपालिका का हिस्सा रहे लोगों के विभिन्न वर्गों के अनुभव का इस्तेमाल करना चाहिए। उनके ज्ञान और समझ से संस्था मजबूत होगी।
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2015 से मनाया जा रहा संविधान दिवस
गौरतलब है कि 26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को संविधान सभा में स्वीकार किया गया था। इसी उपलक्ष्य में 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता था। इसकी शुरुआत 2015 से हुई है। इससे पहले 26 नवंबर को कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था।
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