
नई दिल्ली। चक्रवात बिपरजॉय (Cylone Biparjoy) के गुरुवार शाम को कच्छ जिले में जकाऊ बंदरगाह के पास लैंडफॉल करने (जमीन से टकराने) की उम्मीद है। चक्रवात के खतरे को देखते हुए गुजरात के तटीय जिलों में निकासी के प्रयास चल रहे हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। गुजरात के विभिन्न तटीय जिलों के लगभग 30,000 लोगों को एहतियात के तौर पर अस्थायी कैम्पों में भेजा गया है। 1965 के बाद जून में गुजरात में दस्तक देने वाला यह तीसरा चक्रवात होगा।
कब लैंडफॉल करेगा चक्रवात बिपरजॉय?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार चक्रवात बिपरजॉय 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान' में बदल गया है। यह गुरुवार (15 जून) शाम को गुजरात के कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह के पास पहुंचेगा। उस वक्त हवा की अधिकतम गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच जाएगी।
अहमदाबाद आईएमडी के निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि चक्रवात के गुजरात के कच्छ के मांडवी और पाकिस्तान के कराची के बीच से गुजरने की संभावना है। यह गुरुवार की शाम को जखाऊ बंदरगाह के पास से गुजरेगा। आईएमडी ने सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के तटीय इलाके में तेज हवाओं के साथ अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कच्छ, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों के लिए विशेष रूप से चेतावनी जारी की गई है।
चक्रवात बिपरजॉय से कौन से क्षेत्र प्रभावित होंगे?
चक्रवात बिपरजॉय का सबसे अधिक असर गुजरात के कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में महसूस किया जाएगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने कहा है कि कच्छ, देवभूमि द्वारका और जामनगर में 15 जून को अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी दिन चक्रवात के लैंडफॉल होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग ने 15 जून की सुबह के लिए 120-130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी दी थी। इसके 145 किमी प्रति घंटे से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने की संभावना है। बुधवार शाम तक समुद्र की स्थिति बहुत खराब रहने की संभावना है।
गुजरात के अलावा मुंबई में भी चक्रवात बिपरजॉय से होने वाले नुकसान को कम करने की तैयारी की गई है। NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) ने एहतियात के तौर पर दो अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं। एनडीआरएफ की टीमों को मुंबई के अंधेरी और कांजुरमार्ग में तैनात किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार बिपरजॉय से गुजरात, महाराष्ट्र, लक्ष्यद्वीप, केरल, कर्नाटक, असम , अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और पश्चिमी राजस्थान प्रभावत होंगे।
राहत और बचाव की कैसी है तैयारी?
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की कई टीमें स्टैंडबाय पर हैं। सेना भी राहत प्रयासों में सहायता के लिए तैयार है। बाढ़ राहत टुकड़ियों को तैनात किया है। गुजरात के स्टेट कमिश्नर ऑफ रिलीफ आलोक कुमार पांडे ने कहा कि करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। रेस्क्यू ऑपरेशन दो चरणों में चलाया जा रहा है। पहले चरण में समुद्र किनारे 0 से 5 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को निकाला जा रहा है। दूसरे चरण में तट के 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को निकाला जाएगा।
एनडीआरएफ की 17 और एसडीआरएफ की 12 टीमों को देवभूमि द्वारका, राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर, गिर सोमनाथ, मोरबी और वलसाड में स्टैंडबाय पर रखा गया है। पश्चिम रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेन संचालन को सुनिश्चित करने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं। 69 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। 32 ट्रेनों को उनके अंतिम स्टेशन पहुंचने से पहले ही रोका गया है। वहीं, 26 ट्रेनों के खुलने के स्टेशन में बदलाव किया गया है।
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