
नई दिल्ली. अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत की रणनीतियों को लेकर उहापोह की स्थिति है। इन स्थितियों के बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा बयान दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ तौर पर कहा कि अफगानिस्तान में बदलते समीकरण भारत के लिए चुनौती हैं। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत सरकार 15 अगस्त के बाद से अपनी अफगान नीति पर दोबारा विचार करने के लिए मजबूर है।
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राजनाथ सिंह ने कहा, ‘रक्षा मंत्रालय एकीकृत युद्ध समूहों के गठन पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है। युद्ध के दौरान त्वरित निर्णय लेना एक महत्वपूर्ण फैक्टर हैं। ये समूह न सिर्फ जल्दी फैसले लेने में मदद करते हैं बल्कि एकीकृत फाइटिंग यूनिट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी करते हैं।‘ राजनाथ सिंह ने कहा- अफगानिस्तान में बदलते समीकरण भारत के लिए एक चुनौती के रूप में सामने आए हैं।
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राजनाथ सिंह ने कहा- युद्धों के दौरान त्वरित निर्णय लेना एक महत्वपूर्ण कारक है। ये समूह न केवल तेजी से निर्णय लेने की सुविधा प्रदान करेंगे बल्कि एकीकृत लड़ाकू इकाइयों की संख्या में भी वृद्धि करेंगे। उन्होंने कहा- आज दुश्मन को सीमा के अंदर घुसने की आवश्यकता नहीं रह गयी है। वह सीमा के बाहर से भी हमारी सिक्योरिटी को निशाना बना सकता है। ग्लोबल पावर ने पहले से ही बदलती सुरक्षा चुनौतियों में और भी इजाफ़ा किया है।
राजनाथ सिंह ने कहा- भारतीय वायुसेना के नेक्स्ट जनरेशन पआइटर प्लेन का 20 साल का इंतजार खत्म हुआ है। आज वायु सेना के पास राफेल जैसे फाइटर प्लेन हैं और अब भारत की संप्रभुता, अखंडता, सीमा सुरक्षा को लेकर किसी भी चुनौती का जवाब देने की हमारी ताकत बहुत बढ़ गई है।
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