
नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने तीनों सेवाओं और भारतीय तटरक्षक (Indian Coast Guard) द्वारा सिमुलेटर के उपयोग के लिए फ्रेमवर्क तैयार किया है। तैयार ढांचा स्वदेशी डिजाइन और विकास के साथ-साथ भारतीय कंपनियों को सिमुलेटर के संचालन और रखरखाव की आउटसोर्सिंग में मदद करेगा।
नई नीति सिमुलेटरों के उपयोग और खरीद पर लागू होंगे
नई नीति सशस्त्र बलों द्वारा भविष्य में उपयोग किए जाने वाले/भविष्य में खरीदे जाने वाले सभी प्रकार के सिमुलेटरों पर लागू होगी। प्रशिक्षण पर खर्च को कम करते हुए और उपकरणों के जीवन को संरक्षित करते हुए सिमुलेशन तकनीक के अनुप्रयोग के रास्ते लगातार तलाशे जाएंगे।
इससे होगा स्वदेशीकरण
तीनों सेवाओं और आईसीजी द्वारा सिमुलेटरों के एक्सप्लाइटेशन को पुनर्जीवित करने के लिए रक्षा मंत्रालय और औद्योगिक संघ के सभी घटकों को सौंपी गई जिम्मेदारी के साथ एक विस्तृत कार्य योजना का पालन किया जाएगा। विकास, उत्पादन और रखरखाव में शामिल भारतीय एजेंसियों को सैन्य सिमुलेटरों के उत्पादन, तैनाती और रखरखाव के लिए उच्चतम स्तर का स्वदेशीकरण सुनिश्चित करने के लिए सेवाओं द्वारा लगाया जाएगा।
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