
नई दिल्ली। दिल्ली में बिजली विभाग के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। विद्युत बोर्ड के सेवानिवृत्त कर्मियों को अस्पतालों में अब कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। अरविंद केजरीवाल की आप सरकार ने पेंशनरों के लिए यह सुविधा शुरू की है। दिल्ली की ऊर्जा मंत्री आतिशी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अब रिटायर्ड कर्मचारियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मंत्री ने सिर्फ इस सुविधा की घोषणा ही नहीं की बल्कि इससे संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर फैसले पर मुहर लगा दी है। केजरीवाल के जेल में होने के बाद भी आप सरकार नए निर्णय ले रही है।
बिल भुगतान के लिए नहीं पड़ेगा भटकना
मुख्यमंत्री केजरीवाल के आदेश के बाद कैशलेस सुविधा के ऐलान से अब रिटायर्ड कर्मचारियों को अस्पताल के बिल भुगतान के लिए स्वास्थ्य विभाग के दफ्तर नहीं दौड़ना पड़ेगा। ऊर्जा मंत्री के मुताबिक 20 अगस्त तक इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी जाएगी। इसके बाद विभाग के सभी 20 हजार रिटायर्ड कर्मचारियों को ये सुविधा मिलने लगेगी।
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2002 के बाद के रिटायर्ड कर्मियों की जिम्मेदारी डिस्कॉम की
बताया गया 2002 से पहले रिटायर्ड हुए कर्मचारियों की जिम्मेदारी सरकार डीटीएस सुविधा देगी। जबकि 2002 के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को कैशलेस सुविधा उपबल्ध कराने की जिम्मेदारी बिजली उत्पादन कंपनी और डिस्कॉम की रहेगी। रिटायर्ड कर्मचारी कंपनी की ओर से पैनल्ड हॉस्पिटल में अपना कैशलेस इलाज करा सकेंगे। पावर ट्रांसमिशन के लिए दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड नाम (TPDDL) से कंपनी बनाई गई है। इसके साथ ही IGPCCL, PPGCL और DTL दिल्ली सरकार की है। बिजली सप्लाई की जिम्मेदारी BSES राजधानी पावर लिमिटेड, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड की है। इन तीनों बिजली वितरण करने वाली तीनों कंपनियों में सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
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