
नई दिल्ली. गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली दंगे पर पूछे गए सवालों का विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, विपक्ष में मुझसे पूछा कि दंगे में कितने हिंदू-मुस्लिम मारे गए। इस पर अमित शाह ने कहा, दिल्ली दंगे में हिंदू मुस्लिम नहीं बल्कि 52 भारतीय मारे गए। उन्होंने बताया कि 142 भारतीयों के घर जले हैं। 27 फरवरी से लेकर अब तक लगभग 700 एफआईआर दर्ज की गई है।
अमित शाह ने हेट स्पीच को बताया बड़ा कारण
अमित शाह ने दिल्ली हिंसा की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि 14 दिसंबर को रामलीला मैदान में सीएए के विरोध में रैली हुई। राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि रैली की अध्यक्षता करने वाले शख्स ने कहा कि घर के बाहर निकलो। आरपार की लड़ाई लड़ो। अभी नहीं निकलोगे तो कायर कहलाए जाओगे। विपक्ष के यह स्पीच नहीं दिखी। 14 दिसंबर की रैली के बाद 16 दिसंबर से शाहीनबाग में धरना शुरू हो गया।
डोनाल्ड ट्रम्प दौरे के दौरान हिंसा की साजिश
अमित शाह ने कहा कि 17 फरवरी को एक स्पीच हुई। भाषण में कहा गया कि 24 तारीख को डोनाल्ड ट्रम्प भारत आएंगे। भाषण में लोगों को सड़क पर आने की बता कही गई।
"सीएए पर लोगों को गुमराह किया गया"
दिल्ली दंगे के पीछे एक वजह सीएए पर लोगों को गुमराह करना भी बताया गया। अमित शाह ने कहा कि सीएए पर मुस्लिमों को गुमराह किया गया। कहा जा रहा है कि कोई ऐसा कानून नहीं, जो धर्म के आधार पर हो, मैं 25 ऐसे कानून जानता हूं जो धर्म के आधार पर है। मैं पटल पर रखूंगा। कई कानून धर्म के आधार पर बने हैं।
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