
बालासौर. भारत चीन सीमा विवाद के बीच भारत हर मोर्चे पर अपनी तैयारी को तेज कर रहा है। भारत के डिफेंस रिसर्च एंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने शनिवार को ओडिशा के बालासौर से आधुनिक 'शौर्य मिसाइल' के नए वर्जन का सफल परीक्षण कर लिया है। ये मिसाइल परमाणु क्षमता से लैस है जो जमीन से जमीन पर मार करने में सक्षम है। 800 किलोमीटर दूर तक दुश्मन को टारगेट कर ये मिसाइल उसे तबाह कर सकती है। ये मिसाइल काफी हल्की है जो मौजूदा मिसाइल सिस्टम को मजबूत करेगी। सूत्रों ने यह भी बताया कि टारगेट की ओर बढ़ते हुए ये मिसाइल अंतिम चरण में हाइपरसोनिक स्पीड हासिल कर लेता है। डीआरडीओ स्ट्रैटिजिक मिसाइल के फील्ड में देश को पूर्ण रूप से आत्मनिर्मर बनाने के प्रयास में है।
दरअसल, पूर्वी लद्दाख में भारत-चीन सीमा तनाव ने भारत को पूरी तरह सतर्क रहने की सीख दी है। इसीलिए चीन की ओर से मिलने वाली किसी भी तरह की चुनौती से निपटने के लिए भारत चौतरफा रणनीति पर तेजी से काम हो रहा है। बता दें कि भारत-चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में पिछले 5 महिनों से सीमा गतिरोध बना हुआ है। इसको लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर कई बार बातचीत भी हो चुकी हैं लेकिन अबतक सीमा पर स्थिति यथासंभव बनी हुई है।
ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज का भी सफल परीक्षण किया था
इससे पहले भारत ने बीते बुधवार 30 सितंबर को विस्तारित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया। यह मिसाइल 400 किमी से ज्यादा की दूरी तक दुश्मन पर निशाना साध सकती है जो पिछले मिसाइल की क्षमता से 100 किलोमीटर अधिक है।। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के पीजे-10 परियोजना के तहत ओडिशा के बालासौर तट से यह परीक्षण किया गया था। इसके तहत मिसाइल को स्वदेशी बूस्टर के साथ लॉन्च किया गया था। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के विस्तारित रेंज संस्करण का दूसरा परीक्षण था। इसे नए स्वदेशी बूस्टर और एयरफ्रेम के साथ लगाया गया था। यह ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल के एक्सटेंडेड रेंज वर्जन का दूसरा सफल परीक्षण था। इसके सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने DRDO को बधाई दी थी।
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