
नई दिल्ली। ईडी ने आयकर विभाग के पूर्व अधिकारी की 7.33 करोड़ रुपए की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जब्त कर लिया है। इस अधिकारी को केंद्र सरकार ने कुछ साल पहले भ्रष्टाचार के चलते अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया था। ईडी ने सोमवार को कहा कि अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई एंटी मनी लॉन्ड्रिंग लॉ के तहत की गई।
ईडी के अनुसार 30 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जारी एक आदेश के अनुसार अंदासु रविंदर की पांच अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है। 1991 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी रविंदर ने चेन्नई में आयकर (आई-टी) विभाग के अतिरिक्त निदेशक के रूप में काम किया था।
अंदासु रविंदर को सीबीआई ने किया था गिरफ्तार
अंदासु रविंदर को सीबीआई ने अगस्त 2011 में घर पर रिश्वत के रूप में 50 लाख रुपए लेते वक्त गिरफ्तार किया था। केंद्रीय सिविल सेवा आचरण नियमों के 56J के तहत 2019 में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के आरोप में रविंदर को सेवा से अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त कर दिया था।
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अधिकारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला उसके खिलाफ सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए केस का अध्ययन करने के बाद दर्ज किया गया था। सीबीआई ने दावा किया था कि 01.01.2005 से 29.08.2011 तक अंदासु रविंदर और उनकी पत्नी कविता अंदासु ने 2.32 करोड़ रुपए से अधिक की आय से अधिक संपत्ति जुटाई थी। सीबीआई ने कहा था कि दंपति का डीए उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से 171.41 प्रतिशत अधिक है।
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