
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) मामले में वाशिंगटन पोस्ट की स्तंभकार राणा अय्यूब के 1.77 करोड़ रुपए कुर्क (Attached) कर लिया।
ईडी के एक अधिकारी के अनुसार अय्यूब ने कथित तौर पर तीन अभियानों के लिए दान में मिले पैसे के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल निजी खर्चों के लिए किया था। उसने कथित तौर पर सही उद्देश्य के लिए तीन अभियानों के लिए दिए गए दान का उपयोग नहीं किया था। दान के कुछ हिस्सों का कथित तौर पर निजी खर्चों के लिए इस्तेमाल किया गया था।
क्या है मामला?
विकास सांकृत्यायन नाम के एक व्यक्ति ने राणा अय्यूब के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस को शिकायत दी थी। उसने आरोप लगाया था कि राणा अय्यूब ने कोरोना के मरीजों और कुछ पूर्वी राज्यों में बाढ़ पीड़ितों की मदद के नाम पर चंदा जुटाया था। राणा अय्यूब ने केटो पर 2,69,44,680 की राशि जुटाई। इसमें से पैसे उसकी बहन, पिता के बैंक खातों के जरिए निकाले गए। गाजियाबाद के इंदिरापुरम पुलिस स्टेशन ने राणा अय्यूब के खिलाफ केस दर्ज किया था।
सितंबर 2021 से ईडी इस मामले की जांच कर रही है। ईडी के अनुसार धन पूरी तरह से पूर्व नियोजित और व्यवस्थित तरीके से चैरिटी के नाम पर उठाया गया था। जिस उद्देश्य से पैसे जुटाए गए उसका सही इस्तेमाल नहीं किया गया। राहत कार्य के लिए पैसे का उपयोग करने के बजाय राणा अय्यूब ने एक अलग करंट बैंक अकाउंट खोलकर इस राशि को उसमें डाल दिया। अय्यूब ने पीएम केयर्स फंड और सीएम रिलीफ फंड में कुल 74.50 लाख रुपए जमा किए।
तहलका में किया था काम
राणा अय्यूब तहलका पत्रिका में पत्रकार थीं। तहलता के संपादक तरुण तेजपाल पर यौन शोषण के आरोप लगने के बाद अय्यूब ने वहां से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद से वह स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए तमाम अखबारों और मैग्जीनों में लेख लिख रहीं हैं।
ये भी पढ़ें
गुरुग्राम में बड़ा हादसा: हाउसिंग कांप्लेक्स के 6 फ्लैट की छतें गिरी, 1 महिला की मौत, दो दबे
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.