
Environment Minister meeting with Delhi NCR states: त्योहारों, ठंड और कोहरे को देखते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, दिल्ली की आबोहवा को लेकर चिंतित है। पर्यावरण मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण की जानलेवा स्थिति बनने के पहले ही दिल्ली, पंजाब सहित एनसीआर राज्यों के पर्यवरण मंत्रियों से पराली जलाने से रोकने, वाहन और इंडस्ट्रियल पॉल्युशन पर अंकुश लगाने को लेकर विस्तृत चर्चा की है। दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में सर्दियों के मौसम में एयर क्वालिटी बेहद खराब हो जाती है। पूरे क्षेत्र की हवा जानलेवा बनने लगती है। एनसीआर क्षेत्र में यूपी, हरियाणा और राजस्थान आते हैं।
मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि वायु प्रदूषण को रोकने के लिए पहले से ही प्रभावी कदम उठाना होगा। धूल प्रबंधन के लिए सभी राज्यों को काम करना होगा। यह सुनिश्चित हो कि खेतों में पराली न जलायी जाए। एनसीआर के नगरपालिकाओं के ठोस कचरे और खुले बायोमास को जलाने पर प्रतिबंध हो। जो भी उल्लंघन करे उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। राज्यों से फसल अवशेष प्रबंधन मशीनरी की रिपोर्ट मांगी जाए और कहां क्या व्यवस्था है इस की विस्तृत जानकारी हो।
एनसीआर में 500 वर्ग मीटर से अधिक प्लॉट्स की जानकारी हो पोर्टल पर
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार का निर्माण होने पर दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में यह अनिवार्य हो कि 500 वर्ग मीटर से अधिक के भूखंडों पर परियोजनाएं वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों। ये सभी धूल नियंत्रण मानदंडों का पालन करें। धूल प्रदूषण से निपटने के लिए जरूरत के हिसाब से कुल निर्माण क्षेत्र के हिसाब से एंटी स्मॉग गन लगाया जाना चाहिए। साथ ही गाड़ियों का प्रदूषण जांच अनिवार्य हो और जांच प्रमाण पत्र सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
निर्बाध बिजली आपूर्ति मिले ताकि डीजल जनरेटर न चले
केंद्रीय मंत्री ने यह निर्देश अधिकारियों को दिया कि वह डिस्कॉम के अधिकारियों के साथ मीटिंग कर यह सुनिश्चित करें कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की अनदेखी न हो। निर्बाध पॉवर सप्लाई हो ताकि डीजल से चलने वाले जनरेटर का कम से कम इस्तेमाल हो। डीजल जनरेटर सेटों के उपयोग को हतोत्साहित किया जा सके।
कौन कौन शामिल हुआ मीटिंग में...
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, राजस्थान के पर्यावरण मंत्री हेमाराम चौधरी, दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, यूपी के पर्यावरण मंत्री अरुण कुमार और पंजाब के पर्यावरण मंत्री गुरमीत सिंह मीत, केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने भाग लिया।
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