
नई दिल्ली.उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के लोनी में एक फेक वीडियो वायरल करके साम्प्रदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिशों में शामिल दो कांग्रेस नेताओं सहित 9 लोगों पर FIR दर्ज होने के बाद अब इसी मामले में एक्ट्रेस स्वरा भास्कर और twitter इंडिया के हेड खिलाफ शिकायत की गई है।
हालांकि पुलिस ने अभी FIR दर्ज नहीं की है, लेकिन जांच की जा रही है। इस मामले में एक सपा नेता की साजिश सामने आई है।
पुलिस ने चार और आरोपियों को किया अरेस्ट
पुलिस ने इस मामले में 4 और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यूपी पुलिस ने अनस, मुशाहिद, हिमांशु, सावेज को अरेस्ट कर लिया है। जबकि गुलशन, पोली और आवेश अभी भी फरार चल रहे हैं। पुलिस ने अभी तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है।
भड़काऊ ट्वीट करने का आरोप लगा
दिल्ली के तिलक मार्ग थाने में एडवोकेट अमित आचार्य ने स्वरा भास्कर और twitter इंडिया के हेड मनीष माहेश्वरी के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत में जर्नलिस्ट आरफा खानम शेरवानी और एक्टर आसिफ खान का नाम भी शामिल है। आरोप है कि गाजियाबाद मामले में इन सभी ने भड़काऊ ट्वीट किए।
स्वरा भास्कर ने ट्वीट किया
स्वरा ने ट्विटर किया था, 'पीड़ित का पारिवारिक काम कारपेंट्री (बढ़ई) है। वो ताबीज नहीं बनाता है। गिरफ्तार सह आरोपी का भाई पुलिस के बयान को गलत ठहरा रहा है, इसलिए पुलिस के दावे की जांच होनी चाहिए।
आरफा खान ने दिया तर्क
इस मामले में शिकायत होने के बाद द वायर की रिपोर्टर आरफा खान ने ट्विटर पर लिखा, 'यह सिर्फ आधिकारिक वर्जन से हटकर की गई रिपोर्टिंग को अपराधिक रूप देने का प्रयास है। इस मामले में द वायर पर FIR दर्ज की गई है।
सपा नेता की साजिश आई सामने
इस मामले में पुलिस ने फर्जी कहानी बनाकर बुजुर्ग के साथ FIR दर्ज करवाने वाले सपा नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उसने ही अब्दुल समद से झूठा बयान दिलवाया था। इसके बाद जयश्री-वंदे मातरम की फर्जी कहानी गढ़कर फेसबुक लाइव किया था।
यह हुआ था गाजियाबाद में
गाजियाबाद जिले के लोनी में एक मुस्लिम बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट को साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश करने वालों पर योगी सरकार कड़े एक्शन में आई है। गाजियाबाद पुलिस ने दो कांग्रेस नेताओं, पत्रकारों सहित 9 लोगों पर FIR दर्ज की है।
असलियत में यह आपसी रंजिश का मामला था
गाजियाबाद पुलिस ने कहा कि लोनी की घटना का कोई सांप्रदायिक पक्ष नहीं है। यह आपसी झगड़े की वजह है। इस मामले को बिना सोचे-समझे साम्प्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई। इस मामले में twitter सहित द वायर, राणा अय्यूब, मोहम्मद जुबैर, डॉ शमा मोहम्मद, सबा नकवी, मस्कूर उस्मानी, स्लैमन निजामी पर शांति भंग करने के लिए भ्रामक संदेश फैलाना की धाराएं लगाई गई हैं।
पीड़ित ने पुलिस के बयान को गलत बताया
इस बीच पीड़ित ने पुलिस के बयान को गलत बताया है। पुलिस ने पीड़ित अब्दुल समद सैफी को ताबीज बनाने वाला बताया है, जबकि उन्होंने इससे मना किया है। वे अपने एक कथित बयान में घटना को सच बता रहे हैं।
जानिए अब तक का अपडेट
यह भी पढ़ें
लोनी वायरल वीडियो: बुजुर्ग की पिटाई को साम्प्रदायिक रंग देने पर twitter, पत्रकार और 2 कांग्रेस नेताओं पर FIR
twitter पर नाराज हुए IT मिनिस्टर-अभिव्यक्ति की आजादी का झंडा उठाकर कानून का पालन करने से नहीं बच सकते
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.