
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो भी मुद्दे हैं उनका समाधान बातचीत से होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि दोनों देश आतंक और हिंसा से मुक्त वातावरण में बात करें। यह इस्लामाबाद (पाकिस्तान की राजधानी) पर निर्भर है कि वह बातचीत के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करे।
विदेश मंत्रालय में राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को बातचीत का संदेश दिया था। हालांकि बाद में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ऑफिस के प्रवक्ता ने भारत के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान की विभिन्न पूर्व शर्तों को दोहराया।
पाकिस्तान बनाए अनुकूल माहौल
मुरलीधरन ने कहा कि भारत पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी जैसा रिश्ता चाहता है। भारत का स्टैंड रहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच के मुद्दों को आतंकवाद और हिंसा से मुक्त माहौल में द्विपक्षीय और शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाना चाहिए। पाकिस्तान भारत के खिलाफ सीमा पार आतंकवाद के लिए अपने नियंत्रण वाले किसी भी क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे। पाकिस्तान की जिम्मेदारी है कि वह आतंकियों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई कर अनुकूल माहौल बनाए। वह ऐसी कार्रवाई करे जिसे सत्यापित किया जा सके।
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बातचीत के लिए पाकिस्तान ने रखी थी यह शर्त
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बेहद खराब हैं। जनवरी 2023 में शहबाज शरीफ ने एक अरबी टीवी चैनल से बातचीत के दौरान कहा था कि वह भारत के साथ कश्मीर सहित अन्य मुद्दों पर गंभीरता से बातचीत करना चाहते हैं। इंटरव्यू प्रसारित होने के थोड़ी देर बात ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने शहबाज शरीफ के बयान पर स्पष्टीकरण जारी कर दिया था। इसमें कहा गया था कि जब तक भारत जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 नहीं हटाता तब तक उसके साथ बातचीत नहीं होगी।
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