
नई दिल्ली। केंद्रीय राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शुक्रवार को कहा है कि यूजर्स को नुकसान होने पर सरकार द्वारा चीनी ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने राज्यसभा में यह बयान प्रश्नकाल के दौरान बीजेडी सांसद निरंजन बिशी द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में दिया।
निरंजन बिशी ने सवाल किया, "ऑनलाइन लोन ऐप्स पर उपभोक्ताओं की प्राइवेसी की सुरक्षा हो इसके लिए मंत्री कब SOP (standard operating procedure) लाने की योजना है।"
यूजर को नुकसान होने पर किया जाता है बैन करने का फैसला
इसके जवाब में राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "ऑनलाइन लोन ऐप्स रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेगुलेट किए जा रहे हैं। जहां तक भारत सरकार की बात है हमारा उद्देश्य कानून-व्यवस्था का पालन कराना है। अगर यूजर की सुरक्षा और विश्वास को नुकसान पहुंचता है या यूजर को नुकसान होता है तो कमेटी एक्शन लेती है। ऐप्स की पहचान की जाती है और उसे ब्लॉक किया जाता है।
रिजर्व बैंक रखती है फर्जी ऐप्स पर नजर
बता दें कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया फर्जी लोन ऐप्स पर नजर रखती है इसके लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया गया है। बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को Kissht, PayU's का LazyPay समेत कई ऐप्स पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया था। 8 फरवरी को सूचना मंत्रालय ने 232 ऐप्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। डॉक्यूमेंट्स जमा करने के बाद सरकार ने कुछ ऐप्स पर लगी रोक हटाने का फैसला किया।
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गौरतलब है कि कुछ चीनी लोन ऐप्स द्वारा धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। ऐसी बातें सामने आईं हैं कि ये ऐप्स लोगों को आसानी से लोन देने का झांसा देकर फंसाते हैं और उनसे मोटी रकम वसूल करते हैं। ऐप्स द्वारा यूजर के फोन से जानकारी जुटा ली जाती है। पैसे नहीं मिलने पर ऐप्स द्वारा यूजर को ब्लैकमेल किया जाता है।
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