
Rule Changes for Gratuity: नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। ग्रैच्युटी पाने के लिए अब कर्मचारियों को 5 साल की नौकरी करना अनिवार्य नहीं है, बल्कि सिर्फ 1 साल की नौकरी पर ही इसका फायदा मिलेगा। सरकार ने शुक्रवार को श्रम कानून में बड़े बदलाव और सुधार (Labour Act Reforms) का ऐलान किया है। इसके तहत केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने 29 श्रम कानूनों को महज 4 कोड तक सीमित किया है। श्रम कानून में लागू किए गए सुधारों में एक बदलाव ग्रैच्युटी से जुड़ा है। इसके तहत अब एक साल की सर्विस पर भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा।
21 नवंबर को श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने नए लेबर कोड्स लागू करने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “आज से देश में नए लेबर कोड्स लागू हो गए हैं। ये बदलाव साधारण नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कर्मचारियों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।” ये नए श्रम सुधार आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम हैं और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को नई गति प्रदान करेंगे।
1- समय पर मिलेगा न्यूनतम वेतन
हर कर्मचारी को अब तय समय पर न्यूनतम वेतन मिलेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा समाज में लोगों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ेगी।
2- फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों के लिए ग्रैच्युटी
फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को अब सिर्फ एक साल काम करने के बाद ही ग्रैच्युटी का हक मिल जाएगा। मतलब ग्रैच्युटी पाने के लिए अब 5 साल काम करने की अनिवार्यता नहीं रहेगी।
3- 40 करोड़ कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा
देशभर के 40 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों को अब पीएफ, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा।
4- ओवरटाइम पर डबल वेतन
ओवरटाइम करने पर अब कर्मचारियों को दोगुना वेतन मिलेगा।
5- रिस्की सेक्टर में काम करने वालों को पूरी सुरक्षा
ऐसे कर्मचारी जो बेहद रिस्क वाला काम करते हैं, उन्हें 100% मेडिकल सिक्योरिटी प्रोवाइड कराई जाएगी।
6- 40+ उम्र वालों के लिए हेल्थ चेकअप सुविधा
40 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को हर साल फ्री हेल्थ चेकअप की सुविधा दी जाएगी।
7- महिलाओं को बराबरी का अधिकार
महिलाओं को सभी सेक्टर में समान वेतन और सम्मान मिलेगा। इसके अलावा उन्हें सभी तरह के काम में बराबरी के मौके दिए जाएंगे।
8- युवाओं को नियुक्ति पत्र
सभी युवाओं को जॉब में रिटन अपॉइंटमेंट लेटर दिया जाएगा, ताकि रोजगार को और अधिक पारर्दशी बनाया जा सके।
नए लेबर कोड में ये साफ हो गया है कि फिक्स्ड टर्म एम्प्लाई को परमानेंट कर्मचारी से जुड़े सभी तरह के फायदे मिलेंगे, जिनमें छुट्टी से लेकर मेडिकल और सोशल सिक्योरिटी भी शामिल हैं। इन्हें स्थायी स्टाफ के बराबर वेतन मिलने के साथ ही प्रोटेक्शन की सुविधा भी बढ़ेगी। बता दें कि सरकार का मकसद कॉन्ट्रैक्ट पर काम कम करने के साथ ही सीधी भर्तियों को बढ़ावा देना है।
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