
नई दिल्ली. दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले पर हिंसा भड़काने के एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी का नाम धर्मेंद्र सिंह हरमन है। वह 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान अपनी कार में बैठकर किसानों को उकसा रहा था। हरमन दिल्ली के अर्जुन नगर का रहने वाला है। वह शाहीन बाग के वक्त भी काफी सक्रिय रहा था।
उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने हालात पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल और दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव को संसद बुलाया। यह बैठक गाजीपुर बॉर्डर पर हलचल बढ़ने के बाद बुलाई गई है। दरअसल, गाजीपुर बॉर्डर पर शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल समेत 10 विपक्षी दलों के 15 नेता किसानों से मिलने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोक दिया।
10 दलों के नेता पहुंचे गजीपुर बॉर्डर
कृषि कानूनों के विरोध में किसान 71 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। दिल्ली से सटे सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में किसान विरोध कर रहे हैं। इस बीच किसानों का मुद्दा संसद सत्र में उठा। शिरोमणि अकाली दल की सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल सहित 10 विपक्षों दलों के 15 नेता किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। विपक्षी नेताओं में NCP सांसद सुप्रिया सुले, DMK सांसद कनिमोझी, SAD सांसद हरसिमरत कौर बादल शामिल थी।
हरसिमरत कौर ने कहा कि यहां 3 किलोमीटर तक बैरिकेडिंग लगी हुई हैं। ऐसे में किसानों की क्या हालत हो रही होगी। हमें भी यहां रोका जा रहा है हमें भी उनसे मिलने नहीं दे रहे।
"हम आठ-दस पार्टियां किसानों से मिलने गाजीपुर बॉर्डर जा रही हैं जहां पर कीलें,13 लेवल की बैरिकेडिंग की गई है, इतना तो हिंदुस्तान के अंदर पाकिस्तान बॉर्डर पर भी नहीं है। हमें संसद में भी इस मुद्दे को उठाने का मौका नहीं दिया जा रहा है जो कि सबसे अहम मुद्दा है।"
अमेरिका ने कृषि कानूनों का स्वागत किया
कृषि कानूनों के विरोध पर अमेरिका ने प्रतिक्रिया दी है। अमेरिका का कहना है कि किसी भी विवाद या प्रदर्शन को लेकर दोनों पार्टियों में चर्चा होनी चाहिए। बातचीत से ही हल निकलना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि कृषि क्षेत्र को बेहतर करने के किसी भी फैसले का अमेरिका स्वागत करता है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हमें लगता है कि शांतिपूर्ण तरीके से जारी प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है। भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी बात को कहा है। अगर दोनों पक्षों में मतभेद है तो उसे बातचीत के जरिए हल करना चाहिए।
रिहाना गैंग को अमित शाह का जवाब
किसान आंदोलन को अमेरिकी पॉप सिंगर रिहाना, पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग समेत तमाम विदेशी हस्तियों के समर्थन को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया है। शाह ने कहा, कोई भी दुष्प्रचार भारत की एकता को ना तो डिगा सकता है और ना ही देश को नई ऊंचाइयां छूने से रोक सकता है। दरअसल, रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस की भांजी मीना हैरिस समेत कई विदेशी हस्तियों ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किए। वहीं, इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्रालय ने अपील की है कि किसी भी विदेशी हस्ती को बिना तथ्य जांचे, इस मामले में अपनी राय नहीं रखनी चाहिए।
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