
शिमला। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) की सरकार बनने के करीब एक महीने बाद रविवार को उनके मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया। कांग्रेस के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह के बेटे समेत और 7 विधायकों को मंत्री पद मिला है।
शिमला स्थित राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने सातों मंत्रियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह सहित सात विधायकों ने कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। विधायक धनी राम शांडिल, चंदर कुमार, हर्षवर्धन चौहान, जगत सिंह नेगी, रोहित ठाकुर और अनिरुद्ध सिंह को मंत्री बनाया गया है।
मंत्रिपरिषद में पांच राजपूत और ब्राह्मण, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और ओबीसी श्रेणियों के एक-एक सदस्य शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद थे। गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश कैबिनेट में तीन सीट अभी भी खाली हैं। मुख्यमंत्री सहित अधिकतम मंत्रियों की संख्या 12 से अधिक नहीं हो सकती है। मुख्यमंत्री सुक्खू और उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने 11 दिसंबर को शपथ ली थी।
यह भी पढ़ें- जापान में इतिहास रचेंगी अवनी चतुर्वेदी, बनेंगी विदेश में फाइटर जेट उड़ाने वाली पहली भारतीय महिला पायलट
कैबिनेट की पहली बैठक के बाद लागू होगी पुरानी पेंशन योजना
शनिवार को सुक्खू ने कहा था कि पार्टी आलाकमान को 10 लोगों की सूची सौंपी गई है। राज्य सरकार कैबिनेट की पहली बैठक के तुरंत बाद राज्य में पुरानी पेंशन योजना लागू करेगी। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने जनता से पुरानी पेंशन योजना लागू करने का वादा किया था। कैबिनेट विस्तार पर पार्टी आला कमान के साथ चर्चा के लिए सीएम दिल्ली गए थे। शनिवार शाम को वह शिमला लौटे। उन्होंने कहा था कि दिल्ली में हुई बैठकें व्यक्तिगत थीं। मंत्रिमंडल विस्तार भी मेरा विशेषाधिकार है।
यह भी पढ़ें- दिल्ली: 3 नाइजीरियाई नागरिकों को वीजा समाप्त होने के बाद भी रहने पर पकड़ा गया तो भीड़ ने पुलिस पर किया हमला
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.