क्या अमेरिका से लौटने के बाद अभिजीत दीपके की एयरपोर्ट पर 1 घंटे की देरी के पीछे कोई बड़ा रहस्य छिपा है? क्या जंतर-मंतर पर CJP का पहला प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ राष्ट्रीय आंदोलन में बदलने वाला है? क्या NEET-UG पेपर लीक, CBSE, CUET और SSC-GD विवादों पर बढ़ता दबाव शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक पहुंचेगा?  

नई दिल्ली: देश की राजधानी में इस वक्त एक ऐसा राजनीतिक बवंडर उठ खड़ा हुआ है जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। सोशल मीडिया के डिजिटल स्क्रीन से शुरू हुआ एक व्यंग्यात्मक आंदोलन अब सड़कों पर बारूद बनकर फूट चुका है। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) अपने पहले बड़े ज़मीनी प्रदर्शन के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर उतर चुकी है। NEET-UG पेपर लीक, CBSE, CUET और SSC-GD जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय परीक्षाओं में हुई कथित धांधलियों और गड़बड़ियों के खिलाफ हज़ारों आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने लुटियंस ज़ोन को घेर लिया है। 'शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो' के गगनभेदी नारों से पूरा प्रशासनिक अमला सकते में है।

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एयरपोर्ट पर वो 'रहस्यमयी' एक घंटा: दिल्ली लैंड करते ही क्या हुआ?

इस पूरे आंदोलन में सस्पेंस और ड्रामा शनिवार की सुबह उस वक्त चरम पर पहुंच गया, जब CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके सुबह ठीक 7:45 बजे अमेरिका से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। पूरा देश और उनके समर्थक टकटकी लगाए एयरपोर्ट के एग्जिट गेट को देख रहे थे, लेकिन अभिजीत बाहर नहीं आए। वह पूरे एक घंटे तक एयरपोर्ट के अंदर ही रुके रहे। बाहर आने में हुई इस लंबी और रहस्यमयी देरी की असली वजह अब तक सामने नहीं आ पाई है, जिसने खुफिया एजेंसियों और समर्थकों के बीच कयासों का बाज़ार गर्म कर दिया है। क्या अंदर पुलिस की कोई गुप्त पूछताछ चल रही थी या कोई रणनीतिक वार-रूम तैयार हो रहा था? सस्पेंस तब और गहरा गया जब ठीक एक घंटे बाद अभिजीत बाहर निकले और बाहर आते ही उन्होंने सबसे पहले बाबासाहेब डॉ. बी.आर. अंबेडकर की किताब को हवा में लहराकर अपने इरादे साफ कर दिए।

“5 छात्र सुसाइड कर चुके हैं...”एयरपोर्ट से निकलते ही दीपके का तीखा प्रहार

हवाई अड्डे से बाहर कदम रखते ही अभिजीत दीपके ने सीधे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर हमला बोला। उन्होंने देश के करोड़ों छात्रों के दर्द को ज़ुबान देते हुए एक बेहद भावुक और कड़ा बयान जारी किया। अभिजीत दीपके का बयान: "शिक्षा मंत्री को तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह सिर्फ एक परीक्षा का मामला नहीं है; इस धांधली के कारण अब तक 5 मासूम स्टूडेंट सुसाइड कर चुके हैं। हम देश के युवाओं के भविष्य को इस तरह बर्बाद होते नहीं देख सकते।"

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पुलिस का अचानक यू-टर्न और 'कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं!'

जंतर-मंतर पर CJP का यह पहला और सबसे बड़ा ज़मीनी प्रदर्शन है। प्रदर्शन से ठीक पहले तक भारी अनिश्चितता बनी हुई थी। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सुबह ही कहा था कि वे पहले पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और वहां से इजाजत मिलने के बाद जंतर-मंतर पर बैठेंगे। लेकिन, ऐन वक्त पर दिल्ली पुलिस ने चौंकाने वाला यू-टर्न लिया। CJP ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि दिल्ली पुलिस ने सीधे जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की इजाजत दे दी है। इसके बाद समर्थकों को पुलिस स्टेशन के बजाय सीधे जंतर-मंतर पहुंचने का संदेश दिया गया। CJP ने सोशल मीडिया पर हुंकार भरते हुए लिखा-"कॉकरोच आ रहे हैं, धर्मेंद्र प्रधान जा रहे हैं।"

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क्या हैं वो '8 अनोखी अपील'? CJP की सस्पेंस भरी गाइडलाइन का खुलासा

इस आंदोलन की सबसे दिलचस्प और अनोखी बात इसकी प्रशासनिक रणनीति है। CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले हज़ारों समर्थकों और छात्रों के लिए एक कड़क गाइडलाइन जारी की है, जिसमें 8 विशेष अपील की गई हैं। यह गाइडलाइन किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक अनुशासित 'सत्याग्रह' की याद दिलाती है:

  1. सुबह का पेटभर नाश्ता: प्रदर्शनकारियों से अपील की गई है कि वे घर से अच्छा नाश्ता करके आएं ताकि लंबे संघर्ष के दौरान ऊर्जा बनी रहे।
  2. सनस्क्रीन का इस्तेमाल: दिल्ली की झुलसाने वाली गर्मी और धूप से बचने के लिए सभी को सनस्क्रीन लगाकर आने की सलाह दी गई है।
  3. हाथ में तिरंगा: आंदोलन की राष्ट्रभक्ति और गरिमा को बनाए रखने के लिए हर समर्थक के हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा होना अनिवार्य है।
  4. ज्ञान का प्रतीक 'किताब': परीक्षाओं में हुई धांधली के विरोध स्वरूप सभी प्रदर्शनकारियों को अपने हाथ में एक किताब (विशेषकर संविधान या शिक्षा से जुड़ी) लेकर आने को कहा गया है।
  5. पुलिस के लिए 'फूल': किसी भी संभावित टकराव को टालने और सहानुभूति जताने के लिए सुरक्षाकर्मियों को फूल भेंट करने की अपील की गई है।
  6. शांति और संयम: आंदोलन को पूरी तरह अहिंसक और प्रतीकात्मक रखने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
  7. पानी की बोतल: गर्मी को देखते हुए खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पानी साथ लाने को कहा गया है।
  8. अनोखा संदेश (व्यंग्य): शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात को तख्तियों और रचनात्मक पोस्टरों के जरिए रखने की अपील की गई है।

ज्ञान (किताब), देशभक्ति (तिरंगा) और गांधीवादी तरीके (फूल) के इस अनोखे घालमेल ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। जंतर-मंतर पर हज़ारों की यह भीड़ अब डटी हुई है, और हर गुजरते घंटे के साथ दिल्ली का राजनीतिक पारा चढ़ता जा रहा है।