अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और फार्मा-आईटी शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा टूटा, जबकि निफ्टी 24,000 के करीब पहुंच गया।
Stock Market Crash Reason: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को भारी दबाव देखने को मिला। एशियाई बाजारों में अधिकांश जगह तेजी रहने के बावजूद अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर भारतीय बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान पर बंद हुए। सेंसेक्स 715 प्वाइंट टूटकर 76755 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 191 अंक लुढ़क कर 24000 के नीचे बंद हुआ। बुधवार को गिरावट के चलते निवेशकों के एक झटके में 4 लाख करोड़ रुपए डूब गए।
निवेशकों को लगा 4 लाख करोड़ का चूना
इससे पहले मंगलवार 21 जुलाई को BSE पर लिस्टेड सभी शेयरों का कुल मार्केट कैप ₹4,84,21,297.62 करोड़ था। वहीं, 22 जुलाई को यह घटकर ₹4,80,11,438.92 करोड़ रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों दौलत ₹4,09,858.70 लाख करोड़ रुपए घट गई। फार्मा सेक्टर पर अमेरिकी टैरिफ की चिंता और आईटी शेयरों में बिकवाली ने बाजार का सेंटिमेंट कमजोर कर दिया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव बना रहा। आइए जानते हैं शेयर बाजार में गिरावट की 4 सबसे बड़ी वजहें।
1- Pharma Stocks पर सबसे ज्यादा दबाव
आज बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी फार्मा सेक्टर में देखने को मिली। इसकी प्रमुख वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई टैरिफ नीति रही। रिपोर्ट के अनुसार, जेनेरिक दवाइयों को भी अमेरिकी टैरिफ नीति में शामिल किए जाने की आशंका से भारतीय फार्मा कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए। इसका असर निफ्टी फार्मा इंडेक्स पर भी पड़ा, जो 1% से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा।
2- IT Stocks में बिकवाली का बढ़ना
भारतीय आईटी शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में तेजी के कारण निवेशकों की प्राथमिकता बदलती दिखी, जिससे भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना। इसका असर निफ्टी आईटी इंडेक्स पर भी दिखा, जो 1% से ज्यादा गिर गया।
3- Banking Stocks भी दबाव में दिखे
बैंकिंग सेक्टर में भी व्यापक बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2% से अधिक टूट गया। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी 1.5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी ने भी बाजार की गिरावट को और बढ़ाया।
4- US-Iran War का बाजार पर असर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने लगातार 11वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए। इन हमलों में मिलिट्री ऑपरेशन सेंटर, एयरक्राफ्ट हैंगर और ड्रोन स्टोरेज साइट्स को निशाना बनाया गया। इन घटनाओं के बाद वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर पड़ा और बाजार में बिकवाली बढ़ गई।
5- Crude Oil Price में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। वैश्विक बेंचमार्क क्रूड ऑयल की कीमत बढ़कर 93 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी से निवेशकों की चिंता बढ़ गई और इसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई दिया।


