Sensex और Nifty अचानक क्यों गिर जाते हैं? क्या सिर्फ खराब खबरों से शेयर बाजार टूटता है? जानिए मार्केट में गिरावट की 5 सबसे बड़ी वजहें और निवेशकों को ऐसे समय क्या करना चाहिए।

Stock Market Explained: अगर आप भी शेयर मार्केट में पैसा लगाते हैं, तो स्क्रीन पर 'लाल रंग' देखते ही दिल की धड़कनें बढ़ना लाजिमी है। 'आज सेंसेक्स इतने अंक टूट गया', 'निफ्टी में भारी गिरावट'..ऐसी खबरें आते ही नए इन्वेस्टर्स घबराकर पैनिक सेलिंग करने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हरा-भरा दिखता शेयर बाजार अचानक लाल क्यों हो जाता है? असल में मार्केट किसी एक वजह से नहीं गिरता है। इसके पीछे देश-दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था और खुद इन्वेस्टर्स का 'साइकोलॉजिकल डर' काम करता है। समझिए उस सीक्रेट को, जिस पर आपका शेयर बाजार चलता है!

शेयर मार्केट कैसे तय करता है, ऊपर जाना है या नीचे?

शेयर की कीमत मांग (Demand) और आपूर्ति (Supply) पर डिपेंड करती है। अगर किसी कंपनी के शेयर खरीदने वाले ज्यादा हैं, तो कीमत बढ़ती है। लेकिन अगर बेचने वाले ज्यादा हो जाते हैं, तो शेयर की कीमत गिरने लगती है। जब यह स्थिति बड़ी संख्या में कंपनियों के साथ होती है, तो पूरा शेयर मार्केट नीचे आ जाता है।

स्टॉक मार्केट गिरने की 5 सबसे बड़ी वजहें

1. खराब इकॉनॉमी खबरें

अगर किसी देश की अर्थव्यवस्था स्लो पड़ने लगे, महंगाई बढ़ जाए या बेरोजगारी बढ़ने लगे, तो इन्वेस्टर्स को कंपनियों के फायदे की चिंता होने लगती है। ऐसी स्थिति में लोग शेयर बेचने लगते हैं, जिससे मार्केट गिर सकता है। जैसे- अगर यह अनुमान लगे कि आने वाले महीनों में कंपनियों की सेल्स कम होगी, तो इन्वेस्टर्स पहले ही शेयर बेच सकते हैं।

2. ब्याज दरों में इजाफा

जब केंद्रीय बैंक (भारत में RBI) ब्याज दरें बढ़ाता है, तो लोन महंगे हो जाते हैं। इससे कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और लोगों का खर्च भी कम हो सकता है। ऐसे में इन्वेस्टर्स अलर्ट हो जाते हैं और मार्केट डाउन हो जाता है।

3. कंपनियों के कमजोर रिजल्ट

अगर किसी बड़ी कंपनी का प्रॉफिट उम्मीद से कम आता है या फ्यूचर का अनुमान कमजोर होता है, तो उसके शेयर गिर जाते हैं। अगर ऐसी कई बड़ी कंपनियों के रिजल्ट खराब हों, तो पूरे मार्केट पर इंपैक्ट पड़ सकता है।

4. दुनियाभर में हो रहे घटनाक्रम

भारत का शेयर बाजार दुनिया से जुड़ा हुआ है। युद्ध, महामारी, प्राकृतिक आपदा, तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी या बड़े देशों की आर्थिक समस्याएं भी भारतीय बाजार पर असर डालते हैं।

5. इन्वेस्टर्स में डर (Market Sentiment)

कई बार मार्केट सिर्फ खबरों से नहीं, बल्कि इन्वेस्टर्स की भावनाओं से भी चलता है। अगर लोगों को लगता है मार्केट और गिरेगा, तो वे जल्दी-जल्दी शेयर बेचने लगते हैं। इससे गिरावट और तेज हो सकती है।

क्या बाजार हमेशा गिरता ही रहता है?

नहीं। शेयर मार्केट में गिरावट और तेजी दोनों नॉर्मल प्रोसेस का पार्ट है। बाजार में समय-समय पर बड़ी गिरावट आई है, लेकिन लॉन्ग टर्म में कई मार्केट ने फिर से रिकवरी भी की है। हालांकि, पिछला प्रदर्शन फ्यूचर की गारंटी नहीं होता।

शेयर बाजार गिरावट के समय इन्वेस्टर्स को क्या करना चाहिए?

  • हड़बड़ी में कोई फैसला ना लें।
  • अफवाह के आधार पर इन्वेस्ट ना करें।
  • इन्वेस्ट से पहले अपनी फाइनेन्सियल कंडीशन और रिस्क पावर का एनालसिस करें।
  • जरूरत पड़ने पर रजिस्टर्ड फाइनेन्सियल एक्सपर्ट से सलाह लें।
  • लॉन्ग टर्म के इन्वेस्ट में धैर्य रखना जरूरी माना जाता है।

कॉन्टेन्ट सोर्सः SEBI, NSE, BSE, RBI, Investor.gov (U.S. SEC).

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। यहां दी गई जानकारी निवेश की सलाह (Investment Advice) नहीं है। किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय उत्पाद में निवेश करने से पहले अपनी वित्तीय स्थिति, जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें और जरूरत पड़ने पर SEBI-रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। शेयर बाजार का पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता है।