Who is Dharmendra Pradhan: कौन हैं धर्मेंद्र प्रधान? जानिए शिक्षा मंत्री का राजनीतिक सफर, परिवार, पढ़ाई, नेटवर्थ और NEET विवाद व दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP प्रदर्शन के बीच क्यों हैं चर्चा में।

Dharmendra Pradhan Biography: देश की शिक्षा व्यवस्था पर जब भी बड़ी बहस छिड़ती है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम सबसे आगे आ जाता है। ओडिशा की राजनीति से निकलकर केंद्र सरकार के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हुए प्रधान का सफर सिर्फ चुनावी जीत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन, सरकार और रणनीति, तीनों स्तरों पर उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। NEET UG परीक्षा को लेकर CJP की ओर से दिल्ली में जंतर-मंतर पर चलाए जा रहे प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ऐसे में आइए जानते हैं उनकी पूरी राजनीतिक यात्रा, परिवार, पढ़ाई, संपत्ति और मौजूदा विवाद की पूरी कहानी।

धर्मेंद्र प्रधान का शुरुआती जीवन

धर्मेंद्र प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ। उनके पिता देवेंद्र प्रधान भी भाजपा के वरिष्ठ नेता और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे। 

ये भी पढ़ें- कौन हैं Abhijeet Dipke? AAP से Boston University तक...जानें अभिजीत दिपके की पूरी कहानी

धर्मेंद्र प्रधान की पढ़ाई और राजनीतिक करियर

धर्मेंद्र प्रधान ने पहले तालचेर कॉलेज से बीए किया। इसके बाद 1990 में उत्कल विश्वविद्यालय के वाणी विहार परिसर से मानवशास्त्र (Anthropology) में एमए की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन में ही धर्मेंद्र प्रधान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े और यहीं से उनकी सक्रिय राजनीति की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) में काम किया और संगठन में लगातार जिम्मेदारियां संभालते हुए भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व का भरोसा जीता। 2004 में पहली बार लोकसभा पहुंचे। बाद में राज्यसभा सदस्य बने और फिर केंद्र की राजनीति में उनकी भूमिका लगातार बढ़ती गई। 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद धर्मेंद्र प्रधान को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। इस दौरान उज्ज्वला योजना जैसे बड़े कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में उनकी अहम भूमिका रही। बाद में उन्हें कौशल विकास मंत्रालय की भी जिम्मेदारी मिली। जुलाई 2021 के कैबिनेट विस्तार में उन्हें देश का शिक्षा मंत्री बनाया गया और तब से नई शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन समेत कई बड़े फैसलों की जिम्मेदारी उनके पास है।

धर्मेंद्र प्रधान के परिवार में कौन-कौन?

धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी का नाम मृदुला ठाकुर है और उनके दो बच्चे हैं- बेटी नैमिषा प्रधान और बेटा निशांत प्रधान। धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी एक बिजनेस वुमन हैं। धर्मेंद्र प्रधान की पत्नी मृदुला ठाकुर हिमाचल प्रदेश की हैं। 90 के दशक में हिमाचल यूनिवर्सिटी में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नेता थी। मुंबई में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक बैठक में धर्मेंद्र प्रधान की मुलाकात मृदुला ठाकुर से हुई जहां धर्मेंद्र प्रधान, मृदुला ठाकुर को देखते ही अपना दिल हार बैठे थे।

धर्मेंद्र प्रधान की नेटवर्थ कितनी है?

चुनावी हलफनामे के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान के पास करीब 3.60 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जबकि उन पर लगभग 89 लाख रुपये की देनदारी है।

ये भी पढ़ें- कौन हैं सोनम वांगचुक? क्या करती हैं सोनम वांगचुक की पत्नी?

आखिर अभी क्यों चर्चा में हैं धर्मेंद्र प्रधान?

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों NEET-UG परीक्षा विवाद, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विपक्ष के विरोध को लेकर चर्चा में हैं। NEET-UG में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जबकि विपक्ष ने शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। इसी बीच CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। इन प्रदर्शनों में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठी। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

क्यों अहम हैं धर्मेंद्र प्रधान?

धर्मेंद्र प्रधान को भाजपा के उन नेताओं में गिना जाता है जो संगठन और सरकार, दोनों में समान पकड़ रखते हैं। ओडिशा में पार्टी के विस्तार से लेकर केंद्र सरकार के कई अहम मंत्रालय संभालने तक उनका राजनीतिक सफर उन्हें भाजपा के भरोसेमंद चेहरों में शामिल करता है। यही वजह है कि हर बड़े शिक्षा या राजनीतिक मुद्दे पर उनका नाम राष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन जाता है।

कॉन्टेंट सोर्स- myneta