रेलवे के खाने का कड़वा सच! यात्रियों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले सर्विस प्रोवाइडर्स पर ₹5.13 करोड़ का बड़ा जुर्माना। जानिए राज्यसभा में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस सनसनीखेज खुलासे की पूरी कहानी!
नई दिल्ली: भारतीय रेलवे में सफर करने वाले करोड़ों यात्रियों के खान-पान की गुणवत्ता को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए बताया कि खराब खाने की क्वालिटी और गंदे पैंट्री कारों की शिकायतों की जांच के बाद रेलवे ने पिछले तीन वर्षों में सर्विस प्रोवाइडर्स पर 5.13 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे द्वारा प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में हॉस्पिटैलिटी व खाने की गुणवत्ता पर पूछे गए सवाल के बाद यह आंकड़े सामने आए हैं।
शिकायतें महज़ 0.0008%, लेकिन एक्शन सख्त
सदन में आंकड़े पेश करते हुए रेल मंत्री ने साफ किया कि रेलवे में खान-पान की सेवाओं को सुधारने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
- वार्षिक औसत: भारतीय रेलवे हर साल औसतन लगभग 58 करोड़ लोगों को खाना परोसती है।
- शिकायतों का प्रतिशत: इतनी बड़ी संख्या के बावजूद खराब खाने या सर्विस में कमी की औसतन केवल 0.0008 प्रतिशत शिकायतें ही दर्ज होती हैं।
- त्वरित कार्रवाई: मंत्री ने स्पष्ट किया कि जितनी भी शिकायतें मिलीं, उनकी गहन जांच के बाद दोषी लाइसेंसधारियों पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
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खाने की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या-क्या बदला?
रेलवे यात्रियों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन देने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है, ताकि गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही न हो सके।
- CCTV से पहरा: खाना बनाने की प्रक्रिया पर रियल-टाइम नज़र रखने के लिए बेस किचन में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं।
- आधुनिक बेस किचन: चुनिंदा और प्रमुख स्थानों पर मॉडर्न बेस किचन स्थापित किए गए हैं, जहाँ से सीधे ट्रेनों में खाना सप्लाई होता है।
डिजिटल पेमेंट और ओवरचार्जिंग पर लगाम
यात्रियों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों को खत्म करने के लिए रेलवे ने डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया है।
- POS और UPI सुविधा: पैंट्री कारों में पॉइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें, QR कोड, स्वाइप मशीन और UPI जैसे डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग: यात्रियों को पारदर्शी बिल देने और कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक बिलिंग अनिवार्य की जा रही है।
सवाल क्या उठा था?
यह जानकारी कांग्रेस सांसद चंद्रकांत हंडोरे के सवाल के जवाब में दी गई। उन्होंने प्रीमियम और एक्सप्रेस ट्रेनों में खराब भोजन, गंदी पैंट्री कार, अधिक कीमत वसूले जाने और तय मात्रा से कम खाना परोसने जैसी शिकायतों पर सरकार से जवाब मांगा था। रेलवे ने स्पष्ट किया कि ऐसी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाता है और दोषी पाए जाने वाले सेवा प्रदाताओं के खिलाफ आर्थिक दंड सहित आवश्यक कार्रवाई की जाती है।
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