E20 विवाद पर आज दिल्ली में सियासी टकराव तय! अरविंद केजरीवाल 100 समर्थकों संग PM आवास मार्च पर अड़े, जबकि पुलिस ने इजाजत नहीं दी। क्या पुलिस रोकेगी यह कदम या छिपे एजेंडे का होगा पर्दाफाश? आखिर आगे क्या होगा?

नई दिल्ली: दिल्ली में आज E20 ईंधन नीति को लेकर सियासी तापमान बढ़ने वाला है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल 100 समर्थकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। उनका उद्देश्य E20 पेट्रोल के विरोध में दो लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर वाली याचिका प्रधानमंत्री को सौंपना है। हालांकि, पुलिस ने इस मार्च की अनुमति नहीं दी है और प्रधानमंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

'अघोषित एजेंडे' और अमेरिकी दबाव का आरोप

केजरीवाल का आरोप है कि केंद्र सरकार अमेरिकी दबाव में E20 ईंधन नीति थोप रही है। हाल ही में आयोजित 'इथेनॉल टाउनहॉल' के बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।

  • विकल्प की मांग: केजरीवाल ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को शुद्ध पेट्रोल और E20 दोनों का विकल्प मिलना चाहिए।
  • दाम घटाने की अपील: उन्होंने इथेनॉल-मिश्रित ईंधन की कीमतें कम करने की भी मांग रखी।
  • पत्र का जवाब न मिलना: AAP प्रमुख के अनुसार, पिछले महीने पीएम मोदी को मुलाकात के लिए भेजे गए पत्र का जवाब न मिलने के कारण वे खुद याचिकाएं सौंपने जा रहे हैं। केजरीवाल का दावा है कि इस मांग के समर्थन में 2 लाख से अधिक लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं।

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पुलिस ने नहीं दी अनुमति, BJP ने बोला हमला

पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास तक मार्च की कोई अनुमति नहीं दी गई है और किसी भी अनधिकृत जुलूस को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उधर, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह विरोध प्रदर्शन केवल राजनीतिक ड्रामा है। 

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बीजेपी का तीखा पलटवार: 'अराजकतावादी बनने की होड़'

केजरीवाल के इस कदम पर दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल और कांग्रेस के बीच देश का 'नंबर 1 अराजकतावादी' बनने की होड़ मची है।

  • विघटनकारी राजनीति: बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद पिछड़ते देख केजरीवाल ने बिना अनुमति के मार्च का ऐलान किया है।
  • 'विक्टिम कार्ड' का दांव: बीजेपी के अनुसार, पहले जानबूझकर अव्यवस्था फैलाना और फिर पुलिस द्वारा रोके जाने पर 'विक्टिम कार्ड' खेलना केजरीवाल का पुराना राजनीतिक तरीका रहा है।

पुलिसिया रोक के बीच AAP का यह मार्च दिल्ली की सड़कों पर एक नए राजनीतिक टकराव को जन्म देने जा रहा है।

क्या होगा अगला कदम?

केजरीवाल का कहना है कि उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मुलाकात का समय मांगा था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अब वे स्वयं प्रधानमंत्री को याचिका सौंपना चाहते हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पुलिस उन्हें प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचने देगी, या फिर आज का विरोध प्रदर्शन दिल्ली की सियासत में एक नए टकराव का कारण बनेगा?

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