तमिलनाडु में DMK ने अपने 59 विधायकों के लिए मुफ्त कार की पेशकश ठुकरा दी है। नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सरकार के कर्ज में होने का हवाला देते हुए यह फैसला सुनाया। यह सभी विधायकों का सामूहिक निर्णय था।
तमिलनाडु की सियासत से एक बड़ी खबर सामने आई है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपने सभी 59 विधायकों को मुफ्त कार देने की एक पेशकश को ठुकरा दिया है। पार्टी की तरफ से यह फैसला नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने सुनाया। यह पेशकश 'विजय' नाम के एक व्यक्ति की तरफ से की गई थी। हालांकि, DMK ने साफ कर दिया है कि उनके विधायक इस तोहफे को स्वीकार नहीं करेंगे। यह फैसला पार्टी के सभी 59 विधायकों ने मिलकर लिया है, जो अपने आप में एक अहम राजनीतिक संदेश देता है।
उदयनिधि स्टालिन ने इस फैसले की जानकारी देते हुए इसके पीछे की वजह भी बताई। उन्होंने कहा कि इस पेशकश को इसलिए खारिज किया जा रहा है क्योंकि 'सरकार कर्ज में है'।
DMK ने क्यों किया इनकार?
नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन के बयान से साफ है कि पार्टी मौजूदा वित्तीय हालात को लेकर एक संदेश देना चाहती है। उनका यह कहना कि सरकार कर्ज में डूबी हुई है, इस फैसले को एक राजनीतिक स्टैंड की तरह पेश करता है। यह एक तरह से मौजूदा सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल खड़े करता है।
यह फैसला DMK के सभी 59 विधायकों की सामूहिक सहमति से लिया गया है। इसका मतलब है कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर पूरी तरह से एकता है। उदयनिधि स्टालिन ने पार्टी के इस संयुक्त रुख को सार्वजनिक तौर पर सामने रखा है।
फिलहाल इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है कि यह पेशकश करने वाले विजय कौन हैं या कारों का मॉडल क्या था। लेकिन DMK का यह कदम तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का विषय जरूर बन गया है।
