
बेंगलुरु(Bengaluru). प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज(14 फरवरी) को बेंगलुरु में आयोजित पांच दिनी(13 से 17 फरवरी) 14वें एयरो इंडिया-2023(Aero India 2023) का शुभारंभ किया। इस इस शो में फाइटर विमानों और डिफेंस हेलीकॉप्टर्स का दमदार प्रदर्शन देखने को मिलेगा। दुनिया की जानी मानी 80 देशों की डिफेंस कंपनियां शो में शामिल हुई हैं।
इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा-हमारे रक्षा क्षेत्र ने कुछ वर्षों में एक लंबी यात्रा तय की है। इस यात्रा में रक्षा क्षेत्र ने सफलता के कई पड़ाव पार किए, जो आगे चल कर इस क्षेत्र में मज़बूती का स्तंभ बने हैं। एयरो इंडिया भी उन्हीं स्तंभों में से एक है।
मोदी ने कहा-बेंगलुरु का आसमान इस बात का गवाह है कि देश नई ऊंचाइयों को छू रहा है, यही न्यू इंडिया की हकीकत है। एयरो इंडिया का 2023 का शो भारत की ग्रोथ स्टोरी का उदाहरण है। इस साल के एयरो इंडिया शो में 100 से अधिक देशों की भागीदारी नए भारत में दुनिया के भरोसे को दर्शाती है। इस साल के आयोजन ने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और इसमें एमएसएमई, भारतीय स्टार्टअप के साथ-साथ दुनिया भर की स्थापित कंपनियों सहित सभी स्तरों से भागीदारी हुई है। एयरो इंडिया की थीम- द रनवे टू ए बिलियन ऑपर्चुनिटीज इज़ बीइंग।
मोदी ने कहा-यह आयोजन एक और वजह से बहुत खास है। यह कर्नाटक जैसे एक ऐसे राज्य में हो रहा है जिसे तकनीक की दुनिया में विशेष महारत हासिल है। इस आयोजन से एयरो स्पेस और डिफेंस के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे। कर्नाटक के युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा होंगी।
मोदी ने कहा-आज ये आयोजन केवल एक शो नहीं है, ये भारत की स्ट्रेंथ भी है और भारत की डिफेंस इंडस्ट्री के स्कोप और सेल्फ कॉन्फिडेंस को भी फोकस करता है।जब कोई देश नई सोच और नई अप्रोच के साथ आगे बढ़ता है तो उसकी व्यवस्थाएं भी नई सोच के साथ ढलने लगती हैं। आज का ये आयोजन भारत की नई सोच को भी प्रतिबिंबित करता है। रक्षा एक ऐसा क्षेत्र है, जिसकी तकनीक, मार्केट और सतर्कता को सबसे जटिल माना जाता है। हमारा लक्ष्य है 2024-25 तक इसके निर्यात के आंकड़े को डेढ़ बिलियन से बढ़ाकर 5 बिलियन डॉलर तक ले जाया जाए।
मोदी ने कहा-आज भारत की संभावनाओं और सामर्थ्य का प्रमाण हमारी सफलताएं दे रही हैं। आकाश में गर्जना करते तेजस विमान 'मेक इन इंडिया' की सफलता का प्रमाण है। 21वीं सदी का नया भारत अब ना कोई मौका खोएगा और ना ही अपनी मेहनत में कोई कसर छोड़ेगा। हम कमर कस चुके हैं। इस साल के शो के समानांतर रक्षा मंत्री का कॉन्क्लेव और सीईओ राउंडटेबल भी आयोजित किया जा रहा है। यह मित्र देशों के साथ साझेदारी में एयरो इंडिया शो की क्षमताओं को बढ़ाने में मदद करेगा। एयरो इंडिया एक और वजह से भी खास है, इसका आयोजन तकनीक से संचालित राज्य कर्नाटक में किया जा रहा है। इससे एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र में युवा शक्ति के लिए बेहतर अवसर पैदा होंगे।
मोदी ने कहा-मैं कर्नाटक के युवाओं से आग्रह करूंगा कि वे नए इनोवेशन के जरिए देश की रक्षा शक्ति को मजबूत करने के लिए अपनी तकनीकी ताकत का इस्तेमाल करें। भारत ने बीते 8-9 साल में अपने यहां डिफेंस के क्षेत्र का कायाकल्प कर दिया है। हम अभी इसे केवल एक शुरुआत मानते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम वर्ष 2024 -25 तक डिफेंस एक्सपोर्ट को 5 बिलियन डॉलर तक ले जाएंगे। भारत अब डिफेंस उत्पादक देशों में शामिल होने के लिए तेजी से कदम बढ़ाएगा। एक समय था जब एयरो इंडिया को भारत में डिफेंस शो का विंडो माना जाता था। वर्षों से, यह आयोजन भारत के रक्षा क्षेत्र पर ध्यान देने के साथ भारत की ताकत के प्रतिबिंब के रूप में विकसित हुआ है।
मोदी ने कहा-एक बात और, भारत की रफ़्तार चाहे जितनी तेज हो लेकिन वो हमेशा जमीन से भी जुड़ा रहता है।'अमृतकाल' का भारत एक फाइटर पायलट की तरह आगे बढ़ रहा है, जिसको ऊंचाइयां छूने से डर नहीं लगता। जो सबसे ऊंची उड़ान भरने के लिए उत्साहित है। आज का भारत तेज सोचता है, दूर की सोचता है और तुरंत फैसले लेता है।आज भारत विश्व रक्षा कंपनियों के लिए सिर्फ एक बाजार नहीं है, बल्कि एक भागीदार है। भारत उन देशों के लिए भी एक उपयुक्त भागीदार के रूप में उभर रहा है जो अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करना चाहते हैं। हमारी तकनीक लागत प्रभावी होने के साथ-साथ ईमानदार इरादे के साथ विश्वसनीय है। तेजस लड़ाकू विमान, स्वदेशी रूप से विकसित आईएनएस विक्रांत के साथ-साथ तुमकुरु में हेलीकाप्टर कारखाना मेक इन इंडिया की ताकत के उदाहरण हैं। 21वीं सदी का भारत न तो कोई अवसर गंवाएगा और न ही अपने सपनों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने से कतराएगा।
यह शो बेंगलुरु के येलहंका में वायु सेना स्टेशन पर हो रहा है। एयरो इंडिया 2023 की विषयवस्तु रन-वे टू अ बिलियन अपॉरट्यूनिटीज़ है। प्रधानमंत्री के विजन ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर दी वर्ल्ड’ के अनुरूप एयरो इंडिया 2023 में स्वदेशी उपकरणों/प्रौद्योगिकियों(indigenous equipment/technologies) को दर्शाया जाएगा। साथ ही विदेशी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप की जाएगी। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर प्रधानमंत्री के जोर देने के क्रम में इन गतिविधियों को दर्शाया जाएगा, जिनमें डिजाइन तैयार करने में देश की अग्रणी भूमिका, यूएवी सेक्टर, रक्षा क्षेत्र और फ्यूचर टेक्नोलॉजी को पेश करने वाले कार्यक्रम हो रहे हैं।
इनके अलावा कार्यक्रम में स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान – तेजस, एचटीटी-40, डॉर्नियर लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर, हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर और उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर को निर्यात के लिए पेश किया जाएगा। कार्यक्रम के जरिये स्वदेशी एमएसएमई और स्टार्ट-अप का एकीकरण भी संभव होगा, जो ग्लोबल सप्लाई चेन से सम्बंधित है। इसके जरिये विदेशी निवेश सहित सह-विकास और सह-उत्पादन के लिए साझेदारी भी आमंत्रित की जा रही है। एयरो इंडिया 2023 में 80 से अधिक देश भाग ले रहे हैं। लगभग 30 देशों के मंत्री और वैश्विक व भारतीय ओईएम के 65 सीईओ के भी एयरो इंडिया 2023 में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
एयरो इंडिया 2023 प्रदर्शनी में लगभग 100 विदेशी और 700 भारतीय कंपनियों सहित 800 से अधिक रक्षा कंपनियां शामिल हुई हैं। प्रदर्शनी में भाग लेने वाली भारतीय कंपनियों में एमएसएमई और स्टार्ट-अप शामिल हैं, जो देश में विशिष्ट प्रौद्योगिकियों की उन्नति, एयरोस्पेस में वृद्धि और रक्षा क्षमताओं को पेश करेंगे। एयरो इंडिया 2023 में प्रमुख प्रदर्शकों में एयरबस, बोइंग, डसॉल्ट एविएशन, लॉकहीड मार्टिन, इज़राइल एयरोस्पेस इंडस्ट्री, ब्रह्मोस एयरोस्पेस, आर्मी एविएशन, एचसी रोबोटिक्स, एसएएबी, सफ्रान, रॉल्स रॉयस, लार्सन एंड टुब्रो, भारत फोर्ज लि. भारत फोर्ज लि, एचएएल, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) और बीईएमएल लिमिटेड शामिल हैं।
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