
बेंगलुरू/मुंबई। कर्नाटक (Karnataka) के पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा (B S Yediyurappa) की मुश्किलें बढ़ने लगी है तो महाराष्ट्र में उप मुख्यमंत्री अजीत पवार पर इनकम टैक्स ने कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को इनकम टैक्स अधिकारियों ने दोनों राज्यों में अलग-अलग रेड किया। हालांकि, करीबियों पर की गई इस रेड पर येदियुरप्पा अभी चुप्पी साधे हुए हैं लेकिन महाराष्ट्र (Maharashtra) के डिप्टी सीएम (Deputy CM) अजीत पवार (Ajit Pawar) ने मीडिया से बातचीत की है। अजीत पवार ने कहा कि उनकी अपनी कंपनियों पर की गई रेड पर कोई शिकायत नहीं है लेकिन दु:ख हुआ कि उनकी बहनों की कंपनियों पर भी उनको टारगेट करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।
येदियुरप्पा के करीबी ठेकेदारों पर कसा शिकंजा
पूर्व सीएम येदियुरप्पा के करीबी कई कांट्रेक्टर्स (contractors) के घरों और ऑफिसों में इनकम टैक्स (Income Tax) ने रेड किया है। करीबियों के अलावा येदियुरप्पा के पूर्व पीए उमेश के घर पर भी इनकम टैक्स अधिकारियों ने रेड किया। उमेश पर आरोप है कि उन्होंने सिंचाई का ठेका देने के लिए रिश्वत ली है। इनकम टैक्स अधिकारियों के मुताबिक उमेश के घर सहित कुल 10 ठिकानों पर इस वक्त छापेमारी चल रही है।
उमेश का बस कंडक्टर से सत्ता का एक रसूखदार बनने का सफर
पूर्व सीएम येदियुरप्पा के पीए रह चुके उमेश (Umesh) एक बस में कंडक्टर हुआ करते थे। नौकरी के दौरान उनकी नजदीकियां शिमोगा (Shimoga) में बीजेपी नेता अयानूर मंजूनाथ (Ayanoor Manjunath) के साथ बढ़ी। राजनीति में दिलचस्पी पैदा हुई और नौकरी छोड़ उनके साथ हो लिए। कुछ ही दिनों में वह उनके पीए हो गए। मंजूनाथ के साथ रहते हुए वह बीएस येदियुरप्पा के बेटे और शिमोगा के सांसद बीवाई राघवेंद्र (BY Raghvendra) के संपर्क में आए और उनके पीए बन गए। इसके बाद जब बीएस येदियुरप्पा सीएम थे तो उमेश काफी दिनों तक सीएम आफिस में पीए के रूप में कार्यरत रहे। उमेश, येदियुरप्पा परिवार के करीबी हैं।
ठेके में घूस लेने के का आरोप
आरोप है कि उमेश सिंचाई के ठेके को येदियुरप्पा सरकार में मैनेज किया करते थे। वह आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बड़े ठेकेदारों के संपर्क में रहे। आरोप है कि ठेके देने में उनका खूब प्रभाव चलता था और इसके लिए कथित तौर पर पैसे भी लेते थे। बताया जा रहा है कि हैदराबाद स्थित कम से कम 10 ठेकेदार जिनके साथ उमेश के व्यापारिक संबंध थे वो आईटी के रडार पर हैं।
इन बड़े कांट्रैक्टर्स के यहां रेड
इनकम टैक्स अधिकारियों के अनुसार कि कावेरी सिंचाई निगम और कृष्णा सिंचाई निगम, सिंचाई परियोजनाओं के प्रभारी दो राज्य के स्वामित्व वाली मेगा सहायक कंपनियों में ‘फिक्सिंग’ कॉन्ट्रैक्ट में कथित संलिप्तता की जांच के लिए रेड किया गया है।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम की कंपनियों पर भी रेड
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार से संबंधित कंपनियों पर भी इनकम टैक्स का रेड किया गया है। अजीत पवार ने रेड किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उन पर कार्रवाई से कोई शिकायत नहीं है लेकिन रिश्तेदारों को परेशान किए जाने से बुरा लगता है। उन्होंने कहा कि यह सच है कि आईटी विभाग ने मुझसे संबंधित कुछ फर्मों पर छापा मारा है। यह उनका अधिकार है ... मुझे नहीं पता कि क्या ये छापे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किए गए थे या फिर वे अधिक जानकारी चाहते हैं, क्योंकि हम समय पर टैक्स का भुगतान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मेरा एकमात्र दुख यह है कि इनकम टैक्स विभाग ने मेरी तीन बहनों से संबंधित परिसरों पर छापेमारी की है। उनमें से एक कोल्हापुर में रहती हैं और अन्य दो पुणे में। डिप्टी सीएम ने कहा कि वह उन पर छापे के पीछे का कारण नहीं समझ सके हैं। पवार ने कहा कि अगर वे मेरी बहनें हैं, इसलिए छापे मारे गए तो राज्य के लोगों को सोचना चाहिए कि केंद्रीय एजेंसियों का किस स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है।
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