
नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच आज दिल्ली के हैदराबाद हाउस में 2+2 बैठक हुई। इसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और अमेरिकी रक्षा सचिव मार्क एस्पर शामिल हुए। इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम रक्षा समझौते BECA पर हस्ताक्षर हुए। माना जा रहा है कि BECA समझौते से भारत की सैटेलाइट क्षमता और बढ़ेगी। इस समझौते के बाद दोनों देश भू-स्थानिक सूचनाएं और खुफिया जानकारियां साझा कर सकेंगे। साफ तौर से कहें तो भारत को मिसाइल हमले के लिए सटीक जानकारी मिल सकेगी।
बैठक के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान माइक पोम्पियो ने कहा कि आज हम वार मेमोरियल गए थे। हमने उन जवानों को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने भारत के लिए अपनी जान दी। इनमें गलवान में चीन द्वारा मारे गए 20 जवान भी शामिल हैं। भारत अपनी अखंडता के लिए खतरों से लड़ रहा है और हम भारत के साथ खड़े हैं।
साझा बयान की अहम बातें
- अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा, दुनिया वैश्विक महामारी और बढ़ती सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है, ऐसे में भारत-अमेरिका की साझेदारी क्षेत्र और दुनिया की सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए पहले से कहीं अधिक अहम हो जाती है।
- राजनाथ सिंह ने कहा, हम इस बात पर भी सहमत हुए कि नियमों पर आधारित अंतर्राष्ट्रीय आदेश कानून के शासन का सम्मान करें और अंतर्राष्ट्रीय समुद्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता और सभी राज्यों की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता जरूरी है।
- माइक पोम्पियो ने कहा, अमेरिका और भारत ना सिर्फ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा बल्कि सभी तरह के खतरों के खिलाफ हमारे सहयोग को मजबूत करने के लिए कदम उठा रहे हैं। पिछले साल, हमने साइबर मुद्दों पर अपने सहयोग का विस्तार किया है, हमारी नौसेनाओं ने हिंद महासागर में संयुक्त अभ्यास किया है।
- भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- इंडो पैसिफिक क्षेत्र हमारी वार्ता का विशेष केंद्र बिंदु रहा। हमने इस क्षेत्र में सभी देशों के लिए स्थिरता और शांति और समृद्धि के महत्व को लेकर बातचीत की।
वर्तमान चुनौतियों के मद्देनजर हमारी साझेदारी अहम- राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने कहा, हम खुश है कि हमने BECA समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह जो सूचना को साझा करने में नए रास्ते खोलेगा। हमारी अर्थव्यवस्थाओं को नुकसान हुआ है। हम उद्योगों और सेवा क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहे हैं। हमारी साझेदारी वर्तमान चुनौतियों के मद्देनजर और अहम हो जाती है। भारत और अमेरिका दोनों लोकतंत्र में विश्वास करते हैं। राजनाथ सिंह ने कहा, हम अमेरिका के साथ आगे के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।
पीएम मोदी से की मुलाकात
चीन सुरक्षा-स्वतंत्रता के लिए खतरा
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा, आज दो महान लोकतंत्रों के और करीब आने का शानदार अवसर है। उन्होंने कहा, हमारे बीच कोरोना से निपटने से लेकर चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से सुरक्षा और स्वतंत्रता के खतरे से निपटने, क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने तक कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक से पहले अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने आज नेशनल वॉर मेमोरियल पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
हमने कुछ सालों में अपनी रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत- एस्पर
बातचीत में अमेरिका के रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कहा कि हमने पिछले कुछ सालों में विशेष रूप से अपनी रक्षा और सुरक्षा साझेदारी को मजबूत किया है, इस दौरान हमने क्षेत्रीय सुरक्षा और सूचनाएं साझा करने की प्रक्रिया को उन्नत किया है। हमारे बीच का सहयोग वर्तमान चुनौतियों और एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सिद्धांतों को पूरा करता है।
भारत-अमेरिका मिलकर बड़ा अंतर ला सकते हैं- एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, पिछले 2 दशकों में हमारे द्विपक्षीय संबंध लगातार बढ़े हैं। क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों की बात करें तो भारत और अमेरिका मिलकर एक बड़ा अंतर ला सकते हैं।
'आज की शाम गहरे संबंधों की गवाह'
उधर, सोमवार को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो का स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच वैश्विक साझेदारी को आगे ले जाने की बात कही। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने अपने दौरे के पहले दिन की फोटो शेयर करते कहा कि आज की शाम दोनों देशों के बीच गहरे संबंधों का गवाह थी।
दुनिया की सुरक्षा के लिहाज से ये साझेदारी जरूरी
माइक पोम्पियो ने ट्विट किया, 2+2 बैठक से पहले डॉ. एस जयशंकर के साथ बेहतरीन चर्चा हुई। हम इस पर सहमत हैं कि अमेरिका-भारत की वैश्विक कूटनीतिक साझेदारी दोनों देशों, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और पूरी दुनिया की सुरक्षा और समृद्धि के लिहाज से अहम है।
दो साल में यह तीसरी बैठक
वहीं, इस बैठक से पहले अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने लिखा, दो साल में यह तीसरी बैठक दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी का संकेत है। मंत्रालय ने लिखा, पोम्पियो ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के आगामी कार्यकाल का स्वागत किया। इसके साथ ही अमेरिका और भारत के लिए पारस्परिक और वैश्विक चिंता के मुद्दों पर एक साथ मिलकर काम करने की बात कही।
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