LAC पर चीन की हरकत: रक्षामंत्री ने सदन में दिया बयान बात-'हमारी सेनाएं ऐसे प्रयासों को रोकने में सदैव तत्पर'

Published : Dec 13, 2022, 12:12 PM ISTUpdated : Dec 13, 2022, 02:08 PM IST
 LAC पर चीन की हरकत: रक्षामंत्री ने सदन में दिया बयान बात-'हमारी सेनाएं ऐसे प्रयासों को रोकने में सदैव तत्पर'

सार

अरुणाचल प्रदेश में LAC पर 14 हजार फीट की ऊंचाई पर 9 दिसंबर को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प का मामला संसद के शीतकालीन सत्र में 'गर्मी' की वजह बन गया है। जैसे ही संसदी की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद रक्षामंत्री ने अपना बयान दिया।

नई दिल्ली. अरुणाचल प्रदेश में LAC पर 14 हजार फीट की ऊंचाई पर 9 दिसंबर को भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प का मामला संसद के शीतकालीन सत्र में 'गर्मी' की वजह बन गया है। जैसे ही संसदी की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। लिहाजा, लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ गई।  इसके बाद रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने मुद्दे पर अपना बयान दिया। इस मामले को लेकर चीन का बयान भी सामने आया है। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार, चीन ने अपने बयान में कहा कि हिंसक घटना की रिपोर्ट्स के बाद भारत सीमा पर पर स्थिति ‘स्थिर’ है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में इस संबंध में अपना बयान दिया। राजनाथ सिंह ने अपने तीन मिनट के बयान में कहा- 9 दिसंबर 2022 को PLA ट्रूप्स ने तवांग में LAC का उल्लंघन कर नियम तोड़े थे। भारतीय सेना ने PLA को अतिक्रमण से रोका। उन्हें उनकी पोस्ट पर जाने के लिए मजबूर कर दिया। राजनाथ सिंह ने बताया कि इस मामले में दोनों तरफ के कुछ सैनिकों को चोटें आई हैं। रक्षा मंत्री ने बताया कि इस झड़प में किसी भी भारतीय सैनिक की मौत नहीं हुई है। न ही कोई गंभीर रूप से घायल है। रक्षामंत्री ने कहा कि समय से हमने हस्तक्षेप किया, जिसकी वजह से चीनी सैनिकों को लौटना पड़ा। राजनाथ सिंह ने बताया कि लोकल कमांडर ने 11 दिसंबर को चाइनीज काउंटर पार्ट के साथ व्यवस्था के तहत फ्लैग मीटिंग की। इसमें चीन को ऐसे एक्शन के लिए रोका गया है, ताकि शांति बनी रहे। रक्षा मंत्री ने कहा-"इस मुद्दे को चीनी पक्ष के साथ कूटनीतिक स्तर पर भी उठाया गया है। मैं सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि हमारी सेनाएं हमारी भौमिक अखंडता को सुरक्षित रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और इसके खिलाफ किसी भी प्रयास को रोकने के लिए सदैव तत्पर हैंI मुझे विश्वास है कि यह सदन हमारी सेनाओं की वीरता और साहस को एक स्वर से समर्थन देगा।" 

(पीएम मोदी संसद भवन परिसर में 2001 के संसद हमले की 21वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह के दौरान)

इससे पहले 13 दिसंबर, 2001 को संसद पर आतंकी हमले को नाकाम करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वालों को श्रद्धांजलि देने के बाद अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई (दोनों कांग्रेस), टीआर बालू (डीएमके) और असदुद्दीन ओवैसी (एआईएमआईएम) समेत विपक्षी सदस्यों ने अरुणाचल प्रदेश में सीमा संघर्ष का मुद्दा उठाया।

(वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी और अन्य, संसद भवन परिसर में 2001 के संसद हमले की 21वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह के दौरान)

(राजनाथ सिंह संसद भवन परिसर में 2001 के संसद हमले की 21वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह के दौरान)


इससे पहले विपक्ष ने तवांग मामला उठाया, तब संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इसका जवाब देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दोपहर 12 बजे इस मामले पर बयान देंगे। हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने भरोसा नहीं किया और विरोध करना जारी रखा और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की।

चौधरी ने अपनी-अपनी सीट पर खड़े होकर मांग की कि सिंह के बयान के तुरंत बाद चर्चा होनी चाहिए। गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बयान देना चाहिए। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि अगर विपक्ष चर्चा चाहता है, तो उसे नोटिस देना चाहिए और उस पर कार्य मंत्रणा समिति में चर्चा की जाएगी और उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा- आप सदन को क्यों स्थगित करना चाहते हैं। हम अच्छी परंपराओं के साथ सदन को सुचारू रूप से चलाना चाहते हैं? विरोध जारी रहने पर अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा की।

बता दें कि पूर्वी लद्दाख में दोनों पक्षों के बीच 30 महीने से अधिक समय से जारी सीमा गतिरोध के बीच पिछले शुक्रवार(9 दिसंबर) को संवेदनशील क्षेत्र में LAC के पास यांग्त्से के पास झड़प हुई थी। 

(गृहमंत्रीअमित शाह और अन्य नेता भवन परिसर में 2001 के संसद हमले की 21वीं बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक श्रद्धांजलि समारोह के दौरान)



इस बात में कोई शक नहीं है कि तवांग पर चीन की नजरें हैं और हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है। इस विषय पर हर पार्टी, हर व्यक्ति हमारी सेना के साथ है। कल जो भी हुआ वो हमारी तरफ से एक संदेश है कि हम हमारे प्रादेशिक अखंडता और संप्रभुता के लिए हमारे बीच एकता है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर

मैं ये कहना चाहता हूं कि एक बार प्रधानमंत्री केयर फंड का जायजा लिया जाए। उसमें जिन लोगों ने चंदा दिया है उनकी सूची निकाली जाए और देखा जाए कि कितनी चीनी कंपनियों ने चंदा दिया है। कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी

प्रश्नकाल की सूची में प्रश्न संख्या 5 देखने के बाद मुझे इनकी (कांग्रेस) चिंता समझ में आई। सवाल राजीव गांधी फाउंडेशन के विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम (FCRA) लाइसेंस को रद्द करने के संबंध में था। अगर वे अनुमति देते तो मैं संसद में जवाब देता कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-2007 के वित्तीय काल में दौरान चीनी दूतावास से 1.35 करोड़ रुपये का अनुदान मिला, जो FCRA के अनुसार उचित नहीं था, इसलिए गृह मंत्रालय ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इसका पंजीकरण रद्द किया। अमित शाह, गृह मंत्री

भारत के 1 इंच जमीन पर कोई भी कब्जा नहीं कर सकता है। हमारे जवानों ने 8 की रात को और 9 की सुबह को जो वीरता दिखाई है, मैं इसकी प्रशंसा करता हूं। सेना ने कुछ ही देर में घुसे हुए सभी लोगों को भगा दिया और हमारी भूमि की रक्षा की। गृह मंत्री अमित शाह

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