
नई दिल्ली. चंद्रयान 2 का विक्रम लैंडर शनिवार की सुबह 1.55 बजे चंद्रमा पर उतरेगा। इसके साथ ही भारत चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले रूस, अमेरिका और चीन ने यह कारनामा किया है। लेकिन चंद्रमा के अनदेखे दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरने वाला भारत पहला देश होगा। चंद्रमा पर लैंडर विक्रम की लैंडिंग को लेकर पीएम मोदी काफी उत्साहित हैं। उन्होंने सभी देशवासियों से इसे देखने का आग्रह किया है। वे इसरो भी पहुंच चुके हैं। साथ ही इसरो की ओर से लैंडर के लैंड से पहले एक वीडियो भी यूट्यूब पर शेयर किया गया है।
इस वीडियो में आप देख पाएंगे कि विक्रम कैसे लैंड करेगा और कौन-कौन से यंत्र से कैसे जानकारी को इकट्ठा करेगा। वीडियो विक्रम के बारे में पूरी तरह से दिखाया गया है। ये वीडियो विक्रम और प्रज्ञान की लैंडिंग को देखने के लिए और भी उत्साहित कर देगा।
विक्रम और प्रज्ञान साथ में होंगे लैंड
विक्रम लैंडर के साथ प्रज्ञान नामक रोवर भी चांद पर जा रहा है। इसरो का दावा है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार कोई देश कदम रखेगा। चांद तो काफी बड़ा है, लेकिन यहां पर सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर इसरो ने चांद के दक्षिणी ध्रुव पर ही यान को लैंड करने के लिए तय किया? इस सवाल को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर शोध से यह पता चलेगा कि आखिर चांद की उत्पत्ति और उसकी संरचना कैसे हुई। इस क्षेत्र में बड़े और गहरे गड्ढे हैं। यहां उत्तरी ध्रुव की अपेक्षा कम शोध हुआ है।
चंद्रयान 2 चांद की मैपिंग करेगा
दक्षिणी ध्रुव के हिस्से में सोलर सिस्टम के शुरुआती दिनों के जीवाष्म होने की संभावनाएं हैं। चंद्रयान -2 (Chandrayaan 2) चांद की सतह की मैपिंग भी करेगा। इससे उसके तत्वों के बारे में भी पता चलेगा। इसरो के मुताबिक, इसकी प्रबल संभावनाएं हैं कि दक्षिणी ध्रुव पर पानी मिले।
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