इन उपकरणों की मदद से सूर्य की जानकारी जुटाएगा Aditya L1, जानें इनके काम
नई दिल्ली। इसरो (ISRO) ने अपने पहले सूर्य मिशन आदित्य एल1 (Aditya L1) को लॉन्च कर दिया है। यह अंतरिक्ष में मौजूद वेधशाला की तरह काम करेगा और सूर्य के रहस्यों पर से पर्दा उठाएगा। इसके लिए आदित्य एल1 अपने साथ सात खास उपकरणों को ले जा रहा है।
Vivek Kumar | Published : Sep 2, 2023 8:17 AM IST / Updated: Sep 02 2023, 01:48 PM IST
VELC (विजिबल एमिशन लाइन क्रोनोग्राफ)
VELC आदित्य एल1 का मुख्य उपकरण है। इसे मल्टी-स्लिट स्पेक्ट्रोग्राफ के साथ परावर्तक कोरोनोग्राफ के रूप में डिजाइन किया गया है। यह रोज 1,440 तस्वीरें भेजेगा।
SoLEXS (सोलर लो एनर्जी एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर)
SoLEXS एक सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर है। यह सूर्य से निकलने वाले एक्स-रे को मापेगा और सौर ज्वालाओं का अध्ययन करेगा।
PAPA (प्लाज्मा एनालाइजर पैकेज फोर आदित्य)
PAPA को सौर हवाओं और इसकी संरचना को समझने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके द्वारा सूर्य से आने वाली हवाओं का विश्लेषण किया जाएगा।
HEL1OS हार्ड एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर है। इसे उच्च ऊर्जा वाली सौर फ्लेयर्स के एक्स-रे का अध्ययन करने के लिए डिजाइन किया गया है।
SUIT (सोलर अल्ट्रा-वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप)
SUIT अल्ट्रा-वायलेट टेलीस्कोप है। यह सूर्य से निकलने वाली अल्ट्रा-वायलेट तरंगों का इस्तेमाल कर सौर डिस्क की तस्वीरें लेगा। इससे पता चलेगा कि सूर्य से कब और कितनी अल्ट्रा-वायलेट किरणें निकलती हैं।
ASPEX (आदित्य सोलर विंड पार्टिकल एक्सपेरिमेंट)
ASPEX में SWIS और STEPS नाम के दो सिस्टम हैं। SWIS (सोलर विंड आयन स्पेक्ट्रोमीटर) एक लो एनर्जी स्पेक्ट्रोमीटर है। इसकी मदद से सूर्य की हवा में मौजूद प्रोटॉन और अल्फा पार्टिकल्स को मापा जाएगा। STEPS (सुपरथर्मल एंड एनर्जेटिक पार्टिकल स्पेक्ट्रोमीटर) हाई-एनर्जी स्पेक्ट्रोमीटर है। इसे सूर्य की हवा में मौजूद हाई एनर्जी आयन्स को मापने के लिए डिजाइन किया गया है।
मैग्नेटोमीटर
मैग्नेटोमीटर अंतरिक्ष में कम तीव्रता वाले अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र को मापेगा। इसमें चुंबकीय सेंसर के दो सेट हैं।