
नई दिल्ली. पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद अभी थमा नहीं है। मई से दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिरोध जारी है। उधर, चीन की मंशा को देखते हुए अरुणाचल प्रदेश में एलएसी पर आईटीबीपी के जवान हाई अलर्ट पर हैं। यहां के संवेदनशील त्वांग सेक्टर में आईटीपीबी ने जबरदस्त तैयारियां की हैं, ताकि चीन से मिलने वाली किसी भी चुनौती का सामना किया जा सके।
आईटीबीपी की 55वीं बटालियन के कमांडर आईबी झा ने गलवान में हिंसक झड़प की ओर इशारा करते हुए कहा, जब ऐसे हादसे होते हैं, तो हाई अलर्ट पर रहना पड़ता है। ताकि ऐसा दोबारा ना हो। फिलहाल यहां काफी ठंड है। इससे जवानों को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन जवाब हर वक्त सीमा पर नजर बनाए हुए है।
कोई नहीं दे सकता चकमा
आईबी झा ने बताया, हमें कोई चकमा नहीं दे सकता। हम देश की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम अपनी ड्यूटी कर रहे हैं और हमारी तैयारी पूरी है। इससे पहले आईटीबीपी लगातार चीनी सेना का सामना करने में अहम भूमिका निभा रही है। चीनी सेना के साथ पैंगोंग लेक, फिंगर एरिया और पेट्रोलिंग पॉइंट्स 14, 15, 17 और 17ए पर हुईं शुरुआती झड़पों में आईटीबीपी ने मोर्चा संभाला।
लद्दाख में बहादुरी से लड़े जवान
झा ने कहा, आईटीबीपी के जवान लद्दाख सेक्टर में बहादुरी से लड़े और देश की सुरक्षा की। यहां तैनात सैनिकों का कहना है कि उनके साथियों ने वहां देश की सुरक्षा के लिए जान की बाजी लगा दी, उन्हें अगर ऐसा करने का मौका मिला, तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर हो रहा काम
कमांडेंट झा ने कहा, पिछले कुछ समय में हमारी सीमा में इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी काफी काम हुआ है। इससे हमारे जवान पेट्रोलिंग के लिए LAC पर तवांग सेक्टर में सीमा के करीब जा सकते हैं। इससे हमें जवाबी कार्रवाई में भी मदद मिलेगी।
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