
Jammu anti-encroachment drive: जम्मू में स्थानीय प्रशासन अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस प्रशासन पर हुए पथराव व हिंसा के मामले में सोमवार को कम से कम पांच लोगों को अरेस्ट किया गया है। हिंसा में शामिल लोगों के बारे में पूछताछ के लिए पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में भी लिया है। जम्मू में अतिक्रमण विरोधी हिंसा में कई पुलिसवाले घायल हो गए थे।
जम्मू में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान...
शनिवार व रविवार को जम्मू में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया गया। शनिवार को इस अभियान के दौरान पुलिस प्रशासन पर लोगों ने पथराव किया और कई जगह हिंसा भी हुई। इस हिंसा में कई पुलिसवाले भी घायल हो गए थे। रविवार को एक बार फिर अतिक्रमण अभियान शुरू हुआ तो काफी संख्या में महिलाएं और बच्चों के साथ स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। मुख्य सड़क को जाम कर इस अभियान के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ ही देर में यह विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने वाली टीमों पर पथराव शुरू हो गए। इस उग्र प्रदर्शन को काबू में करने के लिए पुलिस ने बल का प्रयोग किया। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को अरेस्ट किया है तो कईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की बात कही है।
जम्मू-कश्मीर में जमीनों पर प्रभावशाली लोगों का अवैध कब्जा...
जम्मू-कश्मीर में काफी अधिक सरकारी जमीनों पर प्रभावशाली लोगों ने कब्जा जमा रखा है। इसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के साथ प्रभावशाली लोगों के चंगुल से जमीनों को मुक्त कराया जा रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू संभाग के विभिन्न जिलों में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान लगभग 23,000 हेक्टेयर राज्य और 'कचराई' भूमि को मुक्त कराया गया। इसी तरह 13,793 हेक्टेयर भूमि का बड़ा हिस्सा राजौरी में अतिक्रमणकारियों से वापस लिया गया। पुंछ में 6,100 हेक्टेयर, किश्तवाड़ में 2,300 से अधिक जमीन को अवैध कब्जा मुक्त कराया गया है। उधर, उधमपुर में 15.9 हेक्टेयर और कठुआ और सांबा जिलों में भी काफी जमीनों को अवैध कब्जा से मुक्त कराया जा चुका है।
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