
नई दिल्ली. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें भाजपा ज्वाइन कराया। पार्टी ज्वाइन करने के 2 मिनट बाद ही सिंधिया का 18 महीने का गुबार फूट पड़ा। उन्होंने कहा, मेरे जीवन में दो तारीखें बहुत महत्वपूर्ण रहीं हैं। पहला 30 सितंबर 2001, जिस दिन मैं अपने पूज्य पिता जी को खोया। जो जीवन बदलने का दिन था और दूसरी तारीख 10 मार्च 2020 जो उनकी 75 वीं वर्षगांठ थी। इस दिन मैंने इतना बड़ा निर्णय लिया।
सिंधिया ने मोदी, अमित शाह की जमकर तारीफ की और उनका शुक्रिया भी किया। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने की एक-एक वजह बताई। उन्होंने कांग्रेस पार्टी में तीन बड़ी खामियां बताई। पहला- वास्तविकता से इंकार करना, दूसरा- जड़ता और तीसरा- नए नेतृत्व को मान्यता नहीं देना। सिंधिया ने कहा देश के दिल मध्यप्रदेश के लिए मैंने एक सपना संजोया था जो 18 महीने में बिखर गया।
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1. कांग्रेस से मन व्यथित और दुखी है। आज जो स्थिति उत्पन्न हुई उसको देखकर मैं यह कह सकता हूं कि कांग्रेस में रह कर जनसेवा के लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता।
2- आज कांग्रेस पार्टी वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी।
3- कांग्रेस पार्टी में तीन बड़ी खामियां बताई। पहला- वास्तविकता से इंकार करना, दूसरा- जड़ता और तीसरा- नए नेतृत्व को मान्यता नहीं देना।
4- 18 महीने पहले सरकार बनाने के दौरान हमने बेहतर प्रदेश के लिए सपने बुने थे, लेकिन अब वह सपने बिखर गए।
5- वादा किया था 10 दिन में ऋण माफ कर देंगे, लेकिन 18 महीने में वह वादा पूरा नहीं हो पाया।
6 ये सरकार ओलावृष्टि का मुआवजा तक किसानों को नहीं दे पाई है।
7- मंदसौर गोलीकांड के बाद मैंने किसानों के लिए आंदोलन छेड़ा लेकिन आज भी हजारों किसानों पर केस लगे हुए हैं।
8- वचन पत्र में हर महीने अलाउंस देने की बात कही गई थी लेकिन वो कहीं नहीं दिखा उल्टा प्रदेश में युवा बेबस और बेरोजगार होता गया।
9- मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के अवसर उत्पन्न हुए।
10- मध्यप्रदेश में सरकार ट्रांसफर उद्योग चला रही है, रेत का माफिया चल रहा है।
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