
चित्रदुर्ग (कर्नाटक)। कर्नाटक के संत शिवमूर्ति मुरुघ शरणारु (Shivamurthy Murugha Sharanaru) के खिलाफ हाई स्कूल की लड़कियों से यौन शोषण के आरोप में केस दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून) की धाराएं लगाई गईं है। इस मामले में शिवमूर्ति ने सोमवार को चुप्पी तोड़ी।
उन्होंने कहा, "मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। यह मेरे खिलाफ लंबे समय से चल रही साजिश का हिस्सा है। अंदर के लोगों ने मुझे फंसाया है। मैं इस मामले में बेगुनाह साबित होऊंगा।" शिवमूर्ति मुरुघ मठ के मुख्य पुजारी हैं। उन्होंने कहा कि वह कानून का पालन करने वाले व्यक्ति हैं और जांच में सहयोग करेंगे। मुरुघ मठ कर्नाटक के प्रतिष्ठित लिंगायत मठों में से एक है।
मीडिया और अपने समर्थकों से शिवमूर्ति ने कहा, "आप में से कई लोग मुरुघ मठ के दर्द को अपना मानते हैं। मैं यहां आपके लिए हूं। आप में से किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। हम सभी साहस, धैर्य और बुद्धि के साथ स्थिति का सामना करेंगे और समाधान ढूंढेंगे।" शिवमूर्ति ने दावा किया कि यह पहली बार नहीं है कि उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 15 वर्षों से उनके खिलाफ साजिशें चल रही हैं। उन्होंने कहा, "जो षड्यंत्र अंदर चल रहे थे, वे अब बाहर चल रहे हैं। सभी मुद्दों का तार्किक अंत होगा। उस तार्किक अंत को खोजने में मुझे आपके सहयोग की जरूरत है।"
गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार होने और हिरासत में लिए जाने की अटकलों के बारे में शिवमूर्ति ने कहा कि इस तरह की अफवाहों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। मैं अपने विचारों पर दृढ़ता से खड़ा हूं। उन्होंने भक्तों से कहा कि वे किसी भी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और उन्हें नहीं फैलाएं। उन्होंने कहा, "मुझे भरोसा है कि मैं निर्दोष साबित होऊंगा। इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है।"
मैसूर पुलिस ने दर्ज किया था केस
गौरतलब है कि मैसूर शहर की पुलिस ने शनिवार को हाई स्कूल की लड़कियों के कथित यौन शोषण के मामले में केस दर्ज किया था। जिला बाल संरक्षण इकाई के एक अधिकारी की शिकायत के आधार पर मठ के छात्रावास के वार्डन समेत पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
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दो लड़कियों ने मैसूर के एक गैर-सरकारी संगठन से संपर्क किया था और अपने साथ हुए कथित दुर्व्यवहार के बारे में बताया था। इसके बाद संगठन ने बाल संरक्षण इकाई के अधिकारियों से संपर्क किया। बाद में मामला चित्रदुर्ग ट्रांस्फर कर दिया गया। मुरुघ मठ सलाहकार समिति के सदस्य एन बी विश्वनाथ ने कहा था कि पुजारी के खिलाफ आरोप "सच्चाई से बहुत दूर" हैं। इस आरोप के पीछे मठ के प्रशासनिक अधिकारी और पूर्व विधायक एस के बसवराजन का हाथ है। मठ में कर्मचारी बताई जा रही एक महिला की शिकायत पर चित्रदुर्ग में बसवराजन के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। इस बीच मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मामले के बारे में एक सवाल के जवाब में कहा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
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