
तिरुवनन्तपुरम. केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में बुधवार को कोच्चि स्थित सेशंस कोर्ट ने मुख्य आरोपी और मु्ख्यमंत्री पी. विजयन के प्रमुख सचिव रहे एम. शिवशंकर की न्यायिक हिरासत को एक और दिन के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथी कोर्ट ने कहा कि शिवशंकर की जमानत याचिका पर भी कल यानी गुरुवार को सुनवाई होगी। बता दें कि इस मामले में 28 अक्टूबर को ईडी ने एम शिवशंकर हिरासत में ले लिया था।
क्या है केरल गोल्ड स्मगलिंग केस?
3 जुलाई को तिरुअनंतपुरम एयरपोर्ट पर कस्टम अफसरों को सूचना मिली थी कि यहां बड़ी मात्रा में सोना पहुंचने वाला है। पड़ताल करने पर पता चला कि कार्गो फ्लाइट के जरिए सोना एयरपोर्ट पहुंचा, जहां कस्टम ने जब्त कर लिया। सोने वाले पैकेट पर जो पता था, वह यूएई के वाणिज्य दूतावास का था। ऐसे में विएना समझौते का पालन करते हुए इस पैकेट को सीनियर अफसर की अनुमति से दूतावास के प्रतिनिधि के सामने खोला गया। इसके बाद दूतावास के प्रतिनिधि सरीथ (पब्लिक रिलेशन एडवाइजर) को हिरासत में लिया गया। सरीथ ने पूछताछ के दौरान स्वप्ना सुरेश का नाम लिया। इस पैकेट में करीब 13 करोड़ रुपए का 30 किलो सोना था।
स्वप्रा सुरेश के जरिए घेरे में विजयन सरकार
स्वप्ना सुरेश टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में सलाहकार के पद पर रही हैं। वे केरल सरकार के आईटी सचिव एम शिवशंकर की करीबी बताई जा रही हैं। इन दोनों के नाम सामने आने के बाद विपक्ष लगातार केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन पर निशाना साध रहा है। बता दें कि मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एम शिवशंकर को हिरासत में ले लिया था। विपक्ष का आरोप है कि सरकार सभी आरोपियों को बचाने में लगी है। इन आरोपों के चलते विजयन ने सचिव एम शिवशंकर को भी पद से हटा दिया था।
एनआईए ने मामले के तार अंडरवर्ल्ड से बताए थे
इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 10 अक्टूबर को केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में बड़ा खुलासा किया था। एनआईए ने कोच्ची कोर्ट में सौंपे गए लिखित जवाब में कहा है कि इस मामले के तार अंडरवर्ल्ड से जुड़ रहे हैं। दरअसल, एजेंसी को शक है कि आरोपियों का संपर्क गैंग्स्टर दाऊद इब्राहिम से रहा है। एजेंसी ने आरोपियों रमीज केटी और सरफुद्दीन द्वारा दाखिल जमानत याचिका का विरोध करते हुए यह जवाब कोर्ट में दिया है। एजेंसी ने कोर्ट से जमानत मंजूर नहीं करने का अनुरोध भी किया है।
केरल सरकार की हुई थी आलोचना
इस मामले को लेकर केरल सरकार की आलोचना हो रही है। पहले मामले की जांच कस्टम डिपार्टमेंट ने शुरू की थी। खुद को वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी बताकर सोना लेने पहुंचे सरित कुमार को हिरासत में लिया गया था। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आईएस अधिकार एम शिवशंकर का नाम सामने आया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें पद से हटा दिया था। बाद में विदेश मंत्रालय ने जांच एनआईए को सौंपने की मंजूरी दे दी थी। इस बीच, 10 अक्टूबर को केरल हाईकोर्ट ने शिवशंकर को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा 23 अक्टूबर तक गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया था।
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