
कोच्चि: महाराजा कॉलेज मार्कशीट विवाद पर न्यूज रिपोर्टिंग करने पर एशियानेट न्यूज की चीफ रिपोर्टर अखिला नंदकुमार के खिलाफ दर्ज एफआईआर अब क्वैश हो जाएगा। दरअसल, केरल पुलिस ने सबूतों के अभाव में चीफ रिपोर्टर अखिला नंदकुमार के खिलाफ लगाए गए सारे आरोपों को हटा दिए हैं। पुलिस ने मंगलवार (19 सितंबर) को सारे आरोपों को हटा दिया। केरल पुलिस की अपराध शाखा ने एर्नाकुलम मजिस्ट्रेट कोर्ट को सूचित किया कि अखिला नंदकुमार के खिलाफ साजिश का कोई सबूत नहीं है इसलिए जिला अपराध शाखा ने रिपोर्टर के खिलाफ आरोप हटा दिए।
SFI सचिव की शिकायत पर दर्ज हुआ था एफआईआर
पुलिस ने यह कार्रवाई वाम समर्थित स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राज्य सचिव पीएम अर्शो की शिकायत पर की गई थी। पुलिस ने बिना जांच के ही जल्दबाजी में कार्रवाई भी शुरू कर दी थी। एसएफआई के राज्य सचिव पीएम अर्शो की शिकायत पर साजिश का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने महाराजा कॉलेज, एर्नाकुलम के पूर्व समन्वयक विनोद कुमार, कॉलेज के प्रिंसिपल वीएस जॉय, केएसयू के राज्य अध्यक्ष अलॉयसियस जेवियर, फाजिल सीए और अखिला नंदकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
पुलिस ने इन धाराओं में केस किया था दर्ज
अर्शो ने इस घटना को अपने खिलाफ साजिश बताया था। उन्होंने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पीएम अर्शो की शिकायत के बाद कोच्चि सेंट्रल पुलिस ने महाराजा कॉलेज मामले में एफआईआर दर्ज किया था। पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद आईपीसी की धारा 120-बी, 465,469 और 500 और आपराधिक साजिश, जालसाजी और मानहानि सहित केरल पुलिस (केपी) अधिनियम 2011 की धारा 120 (ओ) के तहत दर्ज किया गया था। जालसाजी मामले की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने के लिए कैंपस में गये पत्रकार पर पुलिस ने साजिश का केस दर्ज कर दिया था। हालांकि, विवेचना में कोई सबूत नहीं मिलने पर केरल पुलिस ने अखिला नंदकुमार को इस मामले में लगे सभी आरोपों से बरी कर दिया।
यह भी पढ़ें:
महिला आरक्षण बिल को कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सदन में रखा, कल होगी चर्चा
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.