
नई दिल्ली। 2021 में कोरोना महामारी के चलते भारत का पर्यटन कारोबार बहुत प्रभावित हुआ था। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर लोगों से जम्मू-कश्मीर में जबरवान रेंज की तलहटी में स्थित ट्यूलिप गार्डन का दौरा करने का आग्रह किया था। इसका असर ऐसा रहा कि पर्यटकों की कमी वाली कश्मीर की इस घाटी में घूमने आने वालों की बाढ़ आ गई।
2024 की शुरुआत में पीएम मोदी ने एक बार फिर ऐसा ही किया है। उन्होंने लक्षद्वीप की यात्रा की। सोशल मीडिया पर तस्वीरें शेयर की और लोगों से लक्षद्वीप आने की अपील की। इसका असर है कि लक्षद्वीप गूगल सर्च में टॉप पर है। पीएम के इस पहल से पिछले कुछ समय से भारत के खिलाफ दुश्मन जैसा बर्ताव कर रहे मालदीव पर भी असर होने वाला है।
लक्षद्वीप कम आते हैं पर्यटक
शांत समुद्र तट, नीला पानी, सफेद रेत, मिलनसार लोग और संरक्षित प्रकृति 'लक्षद्वीप' को भारत की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक बनाती है। इसके बाद भी लक्षद्वीप में पर्यटक अपेक्षाकृत कम आते हैं। इसका कारण यात्राओं पर प्रतिबंध, लंबी कागजी प्रक्रियाएं और जानकारी की कमी है। लक्षद्वीप में 2022 में एक लाख विदेशी यात्री आए। यहां घरेलू पर्यटक भी बहुत कम आते हैं।
प्रधानमंत्री ने लक्षद्वीप की यात्रा के दौरान स्नॉर्कलिंग की। उन्होंने स्नॉर्कलिंग से लेकर सफेद रेत पर चलने और समुद्र तट आराम करने की कई तस्वीरें शेयर की हैं। ये तस्वीरें वायरल हो गई हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग Google पर लक्षद्वीप के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। आने वाले समय में लक्षद्वीप में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
लक्षद्वीप में पर्यटक बढ़े तो मालदीव पर होगा असर
पर्यटन स्थलों को देखें तो लक्षद्वीप और मालदीव में कई समानताएं हैं। दोनों जगह चमचमाते लैगून, सफेद, अछूते समुद्र तट और मूंगा चट्टान की प्रचुरता है। इसके बाद भी बहुत से भारतीय घूमने के लिए लक्षद्वीप की जगह मालदीव जाते हैं। 2021 में 2.91 लाख और 2022 में 2.41 लाख से अधिक भारतीय मालदीव गए। 2023 में 13 जून तक 1,00,915 भारतीय पर्यटक मालदीव गए थे। इस तरह देखें तो मालदीव के पर्यटन उद्योग के लिए भारत बेहद अहम है।
पिछले कुछ समय से मालदीव की सरकार भारत के प्रति शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रही है। इससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। मालदीव की नई सरकार चीन समर्थक है। मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू पदभार संभालने के बाद पहले तुर्की फिर चीन गए। तुर्की और चीन दोनों को भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाला देश माना जाता है।
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अगर पीएम मोदी की अपील वास्तव में भारतीयों को लक्षद्वीप की यात्रा के लिए प्रेरित करती है तो इसका सीधा नुकसान मालदीव को होगा। लक्षद्वीप जाना मालदीव की तुलना में बहुत सस्ता है। मालदीव की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर बहुत अधिक निर्भर है। पर्यटकों की संख्या घटने से उसे बड़ा नुकसान होगा।
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