लोकसभा चुनाव 2024 में 4 M से निपटने इलेक्शन कमीशन ने बनाया धांसू प्लान

Published : Mar 16, 2024, 05:13 PM ISTUpdated : Mar 16, 2024, 05:47 PM IST
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सार

मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन चार चुनौतियों का जिक्र किया जिनका सामना चुनाव कराने के समय करना पड़ता है। उन्होंने इनसे निपटने के लिए की गई तैयारी भी बताई।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने चार चुनौतियों का जिक्र किया जिनका सामना निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए करना पड़ रहा है। आइए जानते हैं वे चार चुनौतियां क्या हैं और चुनाव आयोग ने इनसे निपटने के लिए कैसी तैयारी की है।

1 - बाहुबल का इस्तेमाल (Muscle)

चुनाव के दौरान बाहुबल का इस्तेमाल बड़ी चुनौती है। कई राज्यों में चुनाव के समय और इसके बाद हिंसा अधिक होती है। इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग ने तैयारी की है। जिन राज्यों में पहले चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं हैं वहां पर्याप्त संख्या में सीआरपीएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा। देश के सभी जिलों में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां एक सीनियर अधिकारी की तैनाती 24x7 रहेगी। कोई भी शिकायत आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों के मतदान केंद्र की वेबकास्टिंग कराई जाएगी। कुल मतदान केंद्रों के कम से कम 50 फीसदी की वेबकास्टिंग होगी। हथियारों को जब्त कराया जाएगा। अपराधियों पर नजर रखी जाएगी। पूरे देश में चेक पोस्ट का नेटवर्क होगा। सीमाओं पर ड्रोन की मदद से नजर रखी जाएगी।

2 - धन का गलत इस्तेमाल (Money)

पैसे और मुफ्त के सामान का लालच देकर मतदाताओं को लुभाना बड़ी चुनौती है। चुनाव आयोग इसे रोकने के लिए कार्रवाई कर रहा है। पिछले 11 विधानसभा चुनावों में कुल 3400 करोड़ रुपए जब्त किए गए हैं। चुनाव आयोग ने मनी पावर के इस्तेमाल के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए एजेंसियों को कहा है। कहा गया है कि शराब, कैश, मुफ्त के सामान और ड्रग्स को लोगों के पास ले जाए जाने से रोका जाए। ऐसा करने वाले माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मुफ्त में सामान बांटे जाने को रोकें। ऑनलाइन कैश भेजकर लोगों को लुभाने की कोशिश को रोकें। सूर्यास्त के बाद बैंक की गाड़ी से कैश कहीं नहीं भेजा जाएगा। प्राइवेट फ्लाइट पर नजर रखी जाएगी। इनकी जांच की जाएगी।

3 - फर्जी खबरों पर रोक (Misinformation)

सोशल मीडिया पर फर्जी खबरें और अफवाहें फैलाना चुनाव के समय चुनौती है। इससे निपटने के लिए चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से कहा है कि वे सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें। जो लोग फर्जी खबरें फैलाएंगे उनसे कानून के अनुसार सख्ति से निपटा जाएगा। प्रत्येक राज्य में नोडल अधिकारी तैनात होंगे। वे आईटी एक्ट की धारा 79(3)(बी) के अधिकार का इस्तेमाल कर सोशल मीडिया से फर्जी खबरें और गलत जानकारी हटवाएंगे। चुनाव आयोग की वेबसाइट पर फर्जी खबरों और उनकी सच्चाई बताने वाला सेगमेंट शुरू होगा।

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4 - आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन (MCC Violations)

चुनावी लाभ के लिए राजनीतिक दलों द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन का उल्लंघन किया जाता है। इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग ने पार्टियों को सख्त दिशानिर्देश दिए हैं। पार्टयों से कहा गया है कि वे तय करें कि उनके नेता धर्म और जाति के आधार पर बांटने वाले भाषण नहीं दें। नफरत फैलाने वाली बातें नहीं करें। धर्म और जाति के आधार पर भाषण नहीं दें। प्राइवेट लाइफ को लेकर किसी की निंदा नहीं करें। भ्रामक विज्ञापन नहीं दें। स्टार प्रचार जिम्मेदारी से बोलें इसका ध्यान पार्टियां रखें।

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