
नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान में लंबे-लंबे छक्के मारकर विरोधियों के हौसले पस्त करने वाले पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान एक बार फिर मैदान में उतरे हैं। इस बार उनके हाथ में बल्ला नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का झंडा है। लोकसभा चुनाव 2024 में उनका मुकाबला कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और भाजपा उम्मीदवार से होना है।
TMC ने यूसुफ पठान को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया है। यह सीट कांग्रेस का गढ़ रही है। यूसुफ ने यहां से अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। मुर्शिदाबाद में चौथे चरण में चुनाव होना है। मतदान 13 मई को होगा।
यूसुफ पठान ने 2007 के टी20 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पदार्पण किया था। उन्होंने भारत के लिए 57 वनडे और 22 टी20 मैच खेले हैं। खेल के मैदान में वह गेंदबाजों के लिए खौफनाक सपना बन जाते थे, लेकिन चुनावी पिच पर उनका मुकाबला अनुभवी विरोधी अधीर रंजन चौधरी से है।
विरोधी यूसुफ पठान पर बाहरी का टैग लगा रहे हैं। उन्होंने अपने प्रचार अभियान की शुरुआत में ही इसका बचाव किया है। पठान ने कहा है, "मैं बंगाल का बच्चा हूं। यहां रहने आया हूं।" पश्चिम बंगाल का नहीं होने पर भी यहां से चुनाव लड़ने पर पठान कहते हैं, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ऐसा कर रहे हैं। वह गुजरात के हैं, लेकिन वाराणसी से चुनाव लड़ते हैं। अगर मैं बंगाल से चुनाव लड़ता हूं तो इसमें क्या गलत है।"
यूसुफ पठान मूल रूप से गुजरात के वडोदरा के रहने वाले हैं। बंगाल से उनका खेल का नाता रहा है। उन्होंने 2012 में KKR को आईपीएल का खिताब दिलाने में मदद की थी। यूसुफ ने सेमी-फाइनल मैच में 21 बॉल खेलकर 40 रन बनाए थे। केकेआर को सेमी-फाइनल में जीत मिली थी और वह फाइनल में पहुंचा था।
1999 से बहरामपुर सीट से सांसद हैं अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी 1999 से बहरामपुर सीट से सांसद हैं। वह लगातार पांच लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में अधीर ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार अपूर्बा सरकार को हराया था। अपूर्बा को 5,10,410 (39.23 फीसदी) और चौधरी को 5,91,106 (45.43 फीसदी) वोट मिले थे।
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2014 में अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस के इंद्रनील सेन को हराया था। चौधरी को 5,83,549 (40.14 प्रतिशत) और सेन को 2,26,982 (15.61 प्रतिशत) वोट मिले थे। बहरामपुर में कभी टीएमसी को जीत नहीं मिली। यह सीट या तो कांग्रेस या रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के पास जाती है। रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी बंगाल में वाम मोर्चा की भागीदार है।
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