
Justice Yashwant Verma: दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व जज यशवंत वर्मा के खिलाफ लोकसभा ने महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। यशवंत वर्मा कैश कांड के कारण सुर्खियों में आए थे। स्पीकर ओम बिरला ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है।
इस कमेटी में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद कुमार, मद्रास हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील बीवी आचार्य शामिल हैं। कमेटी अपनी जांच पूरी करके रिपोर्ट देगी। तब तक महाभियोग प्रस्ताव पर प्रक्रिया जारी रहेगी।
यशवंत वर्मा को अक्टूबर 2021 में दिल्ली हाई कोर्ट का जज बनाया गया था और वे अप्रैल 2025 तक इस पद पर थे। मार्च 2025 में उनके सरकारी आवास में आग लगी थी। जांच में भारी मात्रा में जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन-हाउस कमेटी बनाई। इस कमेटी ने रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा पर कैश छिपाने और न्यायिक मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था। जस्टिस वर्मा इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं। विवादों के बीच उन्हें वापस इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया गया था, जहां वे पहले कार्यरत थे।
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