ओडिशा ट्रेन हादसा में 275 मौतें: 3 दशक में सैकड़ों ट्रेन एक्सीडेंट-कई हजार लोग गंवा चुके हैं जान, जानिए ममता बनर्जी, नीतीश और लालू के कार्यकाल का हाल

Published : Jun 04, 2023, 04:00 PM ISTUpdated : Jun 04, 2023, 04:04 PM IST
Odisha Train Accident

सार

शालीमार से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन का यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन और हावड़ा जा रही एक मालगाड़ी से शुक्रवार की शाम को भीषण टक्कर हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 275 लोगों की मौत हो गई।

Big Train accidents of India: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के करीबी स्टेशन शालीमार से चेन्नई जाने वाली कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन का यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन और हावड़ा जा रही एक मालगाड़ी से शुक्रवार की शाम को भीषण टक्कर हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 275 लोगों की मौत हो गई। जबकि 900 के आसपास लोग घायल हैं। ओडिशा के बालासोर के पास हुए इस ट्रेन दुर्घटना ने पूर्व की कई ट्रेन एक्सीडेंट्स की यादें ताजा कर दी हैं। पिछले तीन दशक के आंकड़ों की अगर बात करें तो कई हजार लोग ट्रेन यात्रा के दौरान दुर्घटना में अपनी जान गंवा बैठे हैं। हर साल ट्रेन एक्सीडेंट रोकने के लिए तमाम दावें होते हैं लेकिन आलम यह है कि देश की अधिकतर ट्रेनों में एंटी कोलिजन डिवाइस लग ही नहीं सके हैं।

देश हर साल बड़ी रेल दुर्घटनाओं को झेलने को मजबूर

कोरोमंडल एक्सप्रेस ट्रेन ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। विपक्ष भी इस एक्सीडेंट के बाद मुखर है। वह लगातार केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को जिम्मेदारी लेने और इस्तीफा देने की मांग कर रहा। लेकिन अगर आंकड़ों को देखा जाए तो हर कार्यकाल में बड़ी रेल दुर्घटनाएं होती रही हैं, परंतु एक्सीडेंट होने तक ही सारा शोर शराबा होता है, फिर न कोई जांच के बारे में सवाल करता है न ही कोई सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले कदमों के प्रति गंभीरता से मुद्दा उठाता है। पिछले तीन दशक में कई हजार लोग ट्रेन एक्सीडेंट्स में जान गंवा चुके हैं। सबसे ज्यादा 473 ट्रेन हादसे साल 2000-01 में हुए थे। जबकि 1999-2000 में सबसे ज्यादा मौतें हुई थी। इस साल 616 लोग मारे गए थे जबकि 1121 लोग घायल हुए थे।

देखें तीन दशक के आंकड़ें...

नीतीश कुमार के कार्यकाल में सबसे अधिक 1527 लोगों की हो चुकी है मौत

रेलवे की एक सूची के अनुसार, तीन रेल मंत्रियों के कार्यकाल में सबसे अधिक ट्रेन दुर्घटनाएं हुई हैं। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रेल मंत्री थीं, तब 54 ट्रेन टक्कर हुई थीं, 839 ट्रेनें पटरी से उतरी थीं। अकेले उनके कार्यकाल में 1451 लोग ट्रेन हादसों में मारे गए थे। इसी तरह बिहार के सीएम नीतीश कुमार जब रेल मंत्री रहे तो उनके कार्यकाल के दौरान 79 ट्रेन कोलिजन हुए। जबकि 1000 ट्रेनें पटरी से उतरी हैं। अकेले उनके कार्यकाल में 1527 लोग ट्रेन हादसों में मारे गए। इसी तरह बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव जब रेल मंत्री थे, तब 51 ट्रेन कोलिजन हुए थे, 550 ट्रेनें पटरी से उतरी। उनके कार्यकाल में 1159 लोग ट्रेन हादसों में मारे गए।

यह भी पढ़ें:

Coromandel Express Accident: यह है बुलंद भारत की साझी संस्कृति, खुशियों में आए न आएं, दु:ख की घड़ी में मदद को बढ़ जाते हैं हजारों हाथ…

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

45 लाख के गहने देख भी नहीं डोला मन, सफाईकर्मी की ईमानदारी देख सीएम ने दिया इनाम
बाइक पर पत्नी ने 27 सेकेंड में पति को जड़े 14 थप्पड़, देखें Viral Video