
Secret Donation for Spinal Muscular Atrophy Patient: कहते हैं कि दान इस तरह देना चाहिए कि एक हाथ के दान को दूसरे हाथ तक को पता नहीं लगे लेकिन सोशल मीडिया के जमाने में छोटी-छोटी मदद कर भी दानवीर बनने का ढ़ोंग करने से बाज नहीं आते। हालांकि, अभी भी ऐसे लोग हैं जो मदद भी करते हैं और सामने नहीं आते। एक ऐसा ही मामला केरल में आया है। गंभीर बीमारी से पीड़ित एक बच्चे को एक व्यक्ति ने 11 करोड़ रुपये से अधिक दान दिया है लेकिन न तो खुद सामने आया न ही उसने इसके लिए ढ़िंढ़ोरा ही पीटा।
दरअसल, केरल का रहने वाला डेढ़ साल का मासूम निर्वाण सांरग को बीते जनवरी में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का पता चला। इस बीमारी का इलाज भारत में नहीं है और इसका इलाज काफी महंगा है। इस बीमारी के केवल एक बार उपयोग की जा सकने वाली दवा Zolgensma, वर्तमान में भारत में उपलब्ध नहीं है। इसे अमेरिका से इंपोर्ट कर मंगाया जाना है। इस दवा की कीमत करीब 20 लाख डॉलर है। यह दुनिया की सबसे महंगी दवाओं में से एक है। जानकारों के अनुसार निर्वाण के इलाज के लिए 17.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता है।
क्राउड फंडिंग शुरू किया...
केरल के डेढ़ साल के मासूम निर्वाण सारंग के इलाज के लिए आवश्यक धन जुटाने के लिए कुछ सामाजिक संगठनों और जागरूक लोगों ने क्राउड फंडिंग शुरू किया। लोगों ने दिल खोलकर मदद की और कुछ ही सप्ताह में 19.5 करोड़ रुपये एकत्र हो गए।
अनजान दानवीर ने अकेले 11 करोड़ रुपये भेज दिए
निर्वाण के इलाज में इतनी रकम का जल्द एकत्र होना किसी चमत्कार से कम नहीं। दरअसल, निर्वाण सारंग के इलाज के लिए एक गुप्त दान मिला है। यह दान लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है। एक गुप्त दानवीर ने निर्वाण के लिए 11 करोड़ रुपये अकेले ही भेज दिए हैं। निर्वाण के क्राउंड फंडिंग खाते में 72000 से अधिक लोगों ने मदद भेजे हैं लेकिन एक अनाम भी इन दानदाताओं में शामिल है। इसने अकेले ही 11 करोड़ फंड दे दिए।
मासूम के पिता बोले-मेरे लिए यह चमत्कार से कम नहीं
निर्वाण के पिता सारंग ने कहा कि हमें नहीं पता कि किसने पैसे दान किए हैं। यह हमारे लिए चमत्कार की तरह है। मैं आमतौर पर दिन में कम से कम 10 बार क्राउडफंडिंग अकाउंट चेक करता हूं और देखता हूं कि कोई योगदान है या नहीं। इस स्थिति में अचानक से दान आ गया। क्राउडफंडिंग खाता प्रदान करने वाली साइट पर जब संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा कि यह एक व्यक्ति द्वारा किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि वह व्यक्ति अपनी पहचान प्रकट नहीं करना चाहता था। उन्होंने कहा कि यह जानकर खुशी हो रही है कि दुनिया में अभी भी ऐसे देवदूत हैं जो निस्वार्थ रूप से दूसरों की जरूरत में मदद करने के लिए आगे आते हैं। चूंकि, निर्वाण को अभी भी एक लंबा रास्ता तय करना है, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आप उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करते रहें। लेकिन अभी के लिए इस अद्भुत संदेश और उस दाता की दया का जश्न मनाने के लिए कुछ समय निकालें जिसने इसे संभव बनाया।
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