
इंफाल,नई दिल्ली। मणिपुर में दो महिलाओं को भीड़ द्वारा नग्न घुमाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। आज से संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session) की शुरुआत हो रही है। विपक्ष की तैयारी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की है। विपक्ष ने पीएम नरेंद्र मोदी से मणिपुर में हो रही हिंसा पर जवाब मांगा है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने महिलाओं के साथ हुई इस बर्बरता को अमानवीय बताया है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इस भयावह घटना पर मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह और उनके मुख्य सचिव से बात की। बिरेन सिंह ने कहा कि उन्होंने मंत्री को अपराधियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्मृति ईरानी ने ट्वीट किया, "मणिपुर में दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का भयावह वीडियो सामने आया है। यह अमानवीय है। मैंने इसके बारे में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह से बात की है। उन्होंने बताया है कि जांच चल रही है। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।"
विपक्ष की मांग संसद में जवाब दें प्रधानमंत्री
विपक्ष आज से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में मणिपुर में दो महिलाओं को नग्न घुमाए जाने के मामले को उठाने जा रहा है। विपक्ष ने इस घटना पर और मणिपुर में हुई हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा है। वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि वह संसद में मणिपुर हिंसा पर चर्चा के लिए तैयार है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "पीएम की चुप्पी और निष्क्रियता ने मणिपुर को अराजकता की ओर धकेल दिया है। जब मणिपुर में इंडिया के विचार पर हमला किया जा रहा है तो INDIA चुप नहीं रहेगा। हम मणिपुर के लोगों के साथ खड़े हैं। शांति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।"
वहीं, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने ट्वीट कर सवाल किया कि केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री आखिर मणिपुर की हिंसक घटनाओं पर आंख मूंद कर क्यों बैठे हैं? क्या इस तरह की तस्वीरें और हिंसक घटनाएं उन्हें विचलित नहीं करतीं?
अरविंद केजरीवाल बोले-मणिपुर पर ध्यान दें प्रधानमंत्री
आम आदमी पार्टी के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मणिपुर में दो महिलाओं के साथ हुई घिनौनी हरकत को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर में हो रही हिंसा पर ध्यान दें।
चार मई को मणिपुर के कांगपोकपी जिला में महिलाओं के साथ हुई थी बर्बरता
इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) के एक बयान के अनुसार महिलाओं को नग्न घुमाने की घटना 4 मई को कांगपोकपी जिला में घटी थी। यह जगह राजधानी इंफाल से करीब 35 किलोमीटर दूर है। पुलिस ने कहा कि घटना दूसरे जिले में हुई। हालांकि एफआईआर कांगपोकपी में दर्ज की गई थी। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है, जिससे बवाल मच गया है। मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने पुलिस को इस मामले की प्राथमिकता से जांच करने का आदेश दिया है। पीड़ित महिलाएं कुकी समाज की हैं।
यह भी पढ़ें- Monsoon Session 2023: 17 दिनों में 31 बिल पेश करेगी मोदी सरकार, कांग्रेस ने भी यह प्लान कर लिया तैयार
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.