
Manipur Students murder: मणिपुर में दो छात्रों की विभत्स हत्या के मामले में सीबीआई ने चार लोगों को अरेस्ट किया है। सीबीआई, दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी कर रही है। जून में दोनों बच्चों की हत्या की सूचना आई थी। इंटरनेट बैन खत्म होने के बाद दोनों बच्चों की सिरकटी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। इसके बाद मणिपुर में पुन: हिंसा शुरू हो गई।
दो लड़कियों सहित छह लोग अरेस्ट
सीबीआई ने जिन संदिग्ध आरोपियों को अरेस्ट किया है उसमें दो लड़कियां, दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। इन सभी को राज्य की राजधानी इंफाल में हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने संदिग्धों को इंफाल से 51 किमी दूर पहाड़ी जिले चुराचांदपुर से पकड़ा, जहां 3 मई को जातीय हिंसा शुरू हुई थी।
आरोपियों की पहचान पाओमिनलुन हाओकिप, माल्सावन हाओकिप, ल्हिंगनेइचोंग बाइटे और तिन्नीखोल के रूप में हुई है। ल्हिंगनेइचोंग बाइटे उस छात्रा का दोस्त था जिसकी हत्या कर दी गई थी। संदिग्धों में से एक कथित तौर पर चुराचांदपुर स्थित एक विद्रोही समूह की पत्नी है।
फिर से क्यों भड़की मणिपुर में हिंसा?
मणिपुर में फिर से हिंसा भड़कने की वजह दो लापता छात्रों की बर्बर तरीके से की गई हत्या है। दरअसल, 23 सितंबर को राज्य में इंटरनेट को चालू कर दिया गया। इसके बाद दो लापता स्टूडेंट्स के शव का फोटो सोशल मीडिया पर सामने आने लगा। फोटो में शरीर का हिस्सा कहीं और सिर कहीं और फेंका दिख रहा था। इसके बाद से राज्य में एक बार फिर हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गया। हालांकि, अभी तक दोनों स्टूडेंट्स की लाश मिलीं नहीं है। जुलाई में दोनों स्टूडेंट्स एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में दिखाई दिए थे लेकिन उसके बाद से उनका पता नहीं चल सका है।
मंगलवार को स्टूडेंट्स और सुरक्षा बलों में झड़प
दो छात्रों की हत्या की सूचना के बाद इंफाल शहर में काफी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। इन छात्रों ने साथी छात्र की बरामदगी के लिए प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सुरक्षा बलों और स्टूडेंट्स के बीच झड़प के बाद प्रदर्शन हिंसक हो गया। इस प्रदर्शन के दौरान एक शिक्षक सहित 54 छात्रों के घायल होने की सूचना है। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थितियां बिगड़ती देख राज्य में तत्काल प्रभाव से इंटरनेट बंद करने का आदेश दिया गया।
मणिपुर में बीते 3 मई से कुकी और मैतेई समुदायों के बीच भीषण हिंसा भड़की है। राज्य में हिंसा की वजह से डेढ़ सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। हिंसा की आग में सैकड़ों घर तबाह हो चुके हैं। गांव के गांव विरान पड़े हुए हैं।
यह भी पढ़ें:
अयोध्या: 22 जनवरी को भव्य राममंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा, 22-24 जनवरी तक रामनगरी में रहेंगे PM मोदी
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.