मणिपुर हिंसा: अमित शाह ने की शांति की अपील, कूकी और मैतेई समुदायों से बात करने के लिए करेंगे पूर्वोत्तर का दौरा

Published : May 25, 2023, 06:31 PM IST
Manipur Violece

सार

कूकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा की वजह से कम से कम 70 लोग मारे जा चुके हैं। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। दो हजार से अधिक घर आगजनी के भेंट चढ़ गए हैं।

Manipur violence updates: मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच हिंसा से पूर्वोत्तर में अशांति फैलने का अंदेशा है। राज्य में 70 से अधिक जानें जा चुकी है। इंफाल में फिर से आगजनी और हिंसा के बाद अनिश्चित काल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। मणिपुर में अनियंत्रित होती हिंसा के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही पूर्वोत्तर राज्य का दौरा करेंगे। वह हिंसा में शामिल दोनों समुदायों कूकी और मैतई लोगों से बातचीत करेंगे।

मणिपुर हिंसा को लेकर क्या कहा अमित शाह ने?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को मणिपुर में शांति की अपील की है। उन्होंने कहा कि एक अदालत के फैसले के बाद मणिपुर में झड़पें हुईं। मैं दोनों समूहों से अपील करूंगा। वे शांति बनाए रखें। सभी के साथ न्याय किया जाएगा। मैं खुद कुछ दिनों के बाद मणिपुर जाऊंगा। राज्य में तीन दिन रहूंगा। शांति स्थापित करने के लिए मणिपुर के लोगों से बात करूंगा।

गुरुवार को एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

राज्य के अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि मणिपुर में ताजा जातीय हिंसा भड़कने के कारण एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुस्साएं लोगों ने कई घरों में आग लगा दी। कूकी और मैतेई समुदायों के बीच जातीय हिंसा की वजह से कम से कम 70 लोग मारे जा चुके हैं। हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। दो हजार से अधिक घर आगजनी के भेंट चढ़ गए हैं। हिंसा को रोकने के लिए सेना ने हजारों सैनिकों को राज्य में तैनात किया है। हिंसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट बंद कर दिया गया है। इस मामले में अभी तक दो उपद्रवियों सहित मणिपुर के एक पूर्व विधायक को गिरफ्तार किया गया है। सेना ने फ्लैग मार्च शुरू किया है और हिंसा ग्रस्त इलाकों की लगातार पेट्रोलिंग की जा रही है।

3 मई को पहली बार भड़की थी मणिपुर में हिंसा

पहली बार बीते 3 मई को मणिपुर हिंसा की चपेट में आ गया था। तब ट्राइबल स्टूडेंट्स ग्रुप ने विरोध प्रदर्शन किया और यह विरोध हिंसा में तब्दील हो गया। इसके बाद 4 मई को मणिपुर के कई स्थानों पर हालात बेकाबू हो गए थे। तब सरकार ने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने का आदेश जारी कर दिया था। सेना और असम राइफल्स ने हालात पर किसी तरह से काबू पाया और जगह-जगह फ्लैग मार्च करके शांति की अपील की गई।

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