
नई दिल्ली. स्विस बैंक में भारतीय खाताधारकों की सूची स्विट्जरलैंड सरकार ने भारत सरकार को सौंप दी है। विदेश में गलत तरीके से पैसा रखने वालों पर सरकार कार्रवाई करेगी। जिसको लेकर खाताधारकों की सूची पर अध्ययन शुरू कर दिया है। जानकारी के आधार पर कार्रवाई के डर से ज्यादातर अकाउंट बंद कर दिए गए हैं। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच बैंकिंग सूचना के स्वतः आदान-प्रदान समझौते के तहत खातों की जानकारी उपलब्ध कराई गई।
बिजनेसमैन और NRI के अकाउंट लिस्ट में शामिल
बैंक अधिकारियों और नियामक संस्था से जुड़े अफसरों ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि स्विट्जरलैंड से मिली लिस्ट में मुख्य रूप से बिजनेसमैन और एनआरआई हैं। ज्यादतर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिकी देशों में रहने वाले भारतीय और बिजनेसमैन हैं। स्विस बैंकों के खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर शुरू हुई मुहिम के बाद इन खातों से काफी पैसे निकाले गए। वहीं इनमें से ज्यादातर खाते बंद भी हो गए हैं। बैंक ने 2018 में बंद कराए गए खातों की जानकारी भी भारत सरकार को दी है। इसके अलावा भारतीयों के 100 ऐसे खातें भी शामिल हैं, जिन्हें 2018 से पहले ही बंद कराया गया था।
स्विस बैंक पैसा रखने के मामले में ब्रिटेन टॉप पर
स्विस नेशनल बैंक की जून में जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2018 में कुल जमा रकम का 26% हिस्सा ब्रिटेन के कारोबारियों का था। भारत इस समय 74वें नंबर पर है और यहां भारतीयों के पैसे रखने में धीरे-धीरे कमी आ रही है। पिछले साल जमा राशि में 6% की कमी आई थी, उस समय रैंकिंग 73 थी। स्विस बैंकों में जमा रकम में भारतीयों का हिस्सा 0.07% है।
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