पीएम मोदी ने 75वें संविधान दिवस पर संविधान के दायरे में रहकर काम करने की बात कही और मुंबई हमले के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाए जाने का भी जिक्र किया।

75th Constitution day celebration: पीएम नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस समारोह में कहा कि उन्होंने देश के फाउंडर डॉक्यूमेंट संविधान के दायरे में रहकर अपने कर्तव्यों का पालन किया है। किसी के भी अधिकार क्षेत्र का कभी भी अतिक्रमण करने की कोशिश नहीं की न ही कभी किया है। उन्होंने कहा कि संविधान को कमजोर करने के प्रयासों के विपक्ष की आलोचना के बीच उनकी सरकार ने संविधान को मार्गदर्शक प्रकाश बनाया हुआ है। हमारी सरकार का पथ प्रदर्शक ही भारतीय संविधान है।

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26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा संविधान को अपनाया गया था। इसकी 75वीं वर्षगांठ मंगलवार को मनाई गई। संविधान औपचारिक रूप से 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित 75वें संविधान दिवस समारोह पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं यह कहना चाहता हूं कि मैंने अपना काम संविधान के दायरे में ही किया है, केवल वही किया है जो संविधान द्वारा मुझे सौंपा गया था। मैंने किसी भी तरह का अतिक्रमण नहीं किया है। पीएम ने कहा कि संविधान अब जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह लागू हो चुका है और वहां पहली बार संविधान दिवस मनाया गया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे संविधान निर्माता जानते थे कि भारत की आकांक्षाएं, भारत के सपने समय के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे। वे जानते थे कि स्वतंत्र भारत और उसके नागरिकों की जरूरतें बदल जाएंगी, चुनौतियां बदल जाएंगी। इसीलिए उन्होंने हमारे संविधान को महज कानूनों की किताब बनाकर नहीं छोड़ा। बल्कि उन्होंने इसे एक जीवंत, निरंतर बहने वाली धारा बना दिया।

मुंबई आतंकी हमलों के पीड़ितों को भी श्रद्धांजलि

पीएम मोदी ने मुंबई आतंकी हमले के पीड़ितों को भी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा को चुनौती देने वाले सभी आतंकी समूहों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। राष्ट्र प्रथम की यह भावना संविधान को सदियों तक जीवित रखेगी। 

इस कार्यक्रम में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, भारत के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कपिल सिब्बल समेत अन्य लोग मौजूद थे।

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